चंडीगढ़: पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि राज्य के भूजल स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा जारी 2026 के ताजा आकलन के अनुसार दशकों बाद पहली बार राज्य में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, “केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा जारी ताजा आकलन में दर्ज किया गया सुधार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाकर भूजल संरक्षण के लिए किए जा रहे ठोस प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”

मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, “यह पंजाब के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। दशकों से भूजल स्तर में लगातार गिरावट आ रही थी। यह पहली बार है कि हमने इसमें वृद्धि दर्ज की है।” इसी तरह बाकी 10 ब्लॉकों के वर्गीकरण में भी सुधार दर्ज किया गया है। फिरोजपुर गंभीर से अर्ध-गंभीर श्रेणी में आ गया है और यहां भूजल निकालने की दर 94.49 प्रतिशत से घटकर 76.66 प्रतिशत रह गई है।

बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि अन्य 95 ब्लॉकों में भी विभिन्न स्तरों पर सुधार देखने को मिला है। परिणामस्वरूप भूजल की स्थिति के संबंध में राज्य के कुल 153 आकलन किए गए ब्लॉकों में से 109 ब्लॉकों में सुधार दर्ज किया गया है, जिसे उन्होंने राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि हालांकि नहरी प्रणाली की पानी ले जाने की क्षमता लगभग 36,000 क्यूसेक है, लेकिन पंजाब इस वर्ष 1 जून से नियमित रूप से लगभग 39,000 क्यूसेक नहरी पानी की आपूर्ति कर रहा है।
यदि भूजल का चिंताजनक ह्रास बिना रोक-टोक जारी रहता तो यह न केवल पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता था। उन्होंने आगे कहा, “इसलिए पंजाब सरकार ने आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के जल संसाधनों के संरक्षण हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं।”