चंडीगढ़ः पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री स्वर्गीय बूटा सिंह पर चुनावी सभा के दौरान कथित अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणी करने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने गिरफ्तारी के आदेश के बाद पंजाब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का बयान सामने आया है।
इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए राजा वडिंग ने नेशनल SC-ST कमिशन की ओर से उनके खिलाफ जारी की गई प्रेस रिलीज को राजनीतिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और सवाल उठाया कि घटना के करीब 10 महीने बाद नेशनल कमीशन को यह मामला क्यों याद आया।
उन्होंने दावा किया कि यह सारा नाटक उत्तराखंड के हल्द्वानी में भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली स्थल को गंगाजल से कथित रूप से शुद्ध करने के गंभीर मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए रचा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकारियों को उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश देना भी इसी सिलसिले की एक कड़ी है, जिसका मकसद जनता का ध्यान असली मुद्दे से भटकाना है। राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी पहले उनके खिलाफ एक आदेश जारी किया था, जिस पर अदालत ने रोक लगा दी थी।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ऐसी राजनीतिक चालों और दबाव की रणनीतियों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को इस बात का जवाब देना होगा कि सिर्फ इसलिए किसी जगह का शुद्धिकरण क्यों किया गया, क्योंकि वहां एक दलित नेता ने रैली को संबोधित किया था।
पूरे मामले की जांच की मांग
राजा वडिंग ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने दोहराया कि नेशनल कमीशन की ओर से अब जारी की गई प्रेस रिलीज को वह राजनीतिक कार्रवाई के तौर पर देख रहे हैं।