10 दिन बेटे को देख रो पड़ा पिता
लुधियाना: राखी के पवित्र त्योहार को लेकर देश भर में बहनें अपने भाइयों के हाथों में राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना कर रही हैं। वहीं सेंट्रल जेल के बाहर भी बहनों का बड़ा भाईयों को राखी बांधने को लेकर भारी हुजूम देखने को मिला। जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें सुबह से ही जेल के बाहर पहुंचनी शुरू हो गईं। राखी के त्योहार को लेकर जेल प्रशासन द्वारा भी विशेष प्रबंध किए गए।
अपने भाइयों से मिलने और राखी बांधने की उत्सुकता में बहनें लंबी लाइनों में खड़ी दिखाई दीं। इस दौरान बहनों के हाथों में राखियां और मिठाइयां दिखाईं दीं। कई बहने अपने भाई से लिपटकर रो पड़ीं। नशा तस्करी मामले में बंद युवक ने रोते हुए कहा पहले घर पर रखी बंधवाते थे, लेकिन अब यहां बहन को आना पड़ा। वहीं 10 दिन बेटे को देखकर 3 महीने से जेल में बंद पिता रो पड़ा। लंबे समय की प्रतीक्षा के बावजूद बहनों में अपने भाइयों से मिलन का उत्साह साफ़ नज़र आया। इस मौके भावुक तस्वीरें भी सामने आईं। जेल में बंद भाइयों से मुलाकात करके बहनों ने उनके हाथों में राखी बांधी और भाई-बहन के इस रिश्ते को निभाया।
कई बहनों ने अपने भाइयों की सुख-शांति के लिए दुआ भी की। राखी का त्योहार भाई-बहन के प्यार, विश्वास और सुरक्षा के रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। जेल की ऊंची दीवारों और कठोर सुरक्षा के बावजूद इस दिन बहनों द्वारा अपने भाइयों तक पहुंच कर राखी बांधना इस रिश्ते की गहराई को दर्शाता है। सेंट्रल जेल के बाहर लगी लंबी लाइनों और बहनों की बड़ी संख्या ने राखड़ी के त्योहार के मौके पर भाई-बहन के प्यार की एक भावुक तस्वीर पेश की। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा की छाया नहीं है और सुबह 6 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त था। लेकिन अब पूरे दिन भी राखी बांधी जा सकती है।