नई दिल्लीः IIT दिल्ली में शनिवार सुबह M.Sc. फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, छात्र सुबह कैंपस में पहुंचा था और कुछ देर बाद लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कूद गया। उसे तुरंत IIT दिल्ली के कैंपस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल घटना की वजह स्पष्ट नहीं है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छात्र को IIT दिल्ली के कैंपस अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्राइम टीम और FSL टीम को भी मौके पर बुलाया। दोनों टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए।
पुलिस की अब तक की जांच के मुताबिक, छात्र 22 अगस्त 2026 को सुबह करीब 8 बजे IIT दिल्ली के मुख्य गेट से कैंपस में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स पहुंचा। पुलिस के अनुसार, छात्र ने लिफ्ट के जरिए इमारत की छठी मंजिल तक पहुंच बनाई और इसके बाद इमारत के सामने की तरफ नीचे कूद गया। घटना के बाद पुलिस ने मौके की जांच की। शुरुआती जांच में छात्र के शरीर पर गिरने की वजह से लगी चोटों के अलावा कोई अन्य चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस को घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है।
पुलिस को छात्र की जेब से एक मोबाइल फोन मिला है। इसे जांच के लिए कब्जे में लिया गया है और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत इसकी जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले छात्र की गतिविधियां क्या थीं और उसके संपर्क में कौन लोग थे। पुलिस के मुताबिक, छात्र बिहार का रहने वाला था। मिली जानकारी के मुताबिक, वह इलाज के चलते कुछ समय से IIT दिल्ली परिसर के बाहर अपनी मां के साथ रह रहा था। वह VIMHANS अस्पताल में भर्ती भी रहा था।
पुलिस के मुताबिक, छात्र की मौत के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस IIT दिल्ली से छात्र से जुड़े काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य जरूरी जानकारी भी हासिल कर रही है। इन रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, मोबाइल फोन और संस्थान से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले में तथ्यों की पुष्टि की जा रही है और कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई जारी है।

