नई दिल्ली: पाकिस्तान की नेशनल असेंबली और सीनेट की ओर से डिफेंस फोर्सेज ऑफ पाकिस्तान एक्ट 2026 और नेशनल कमांड अथॉरिटी एक्ट 2010 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के जरिए पाकिस्तान ने अपनी सेना, नौसेना और वायुसेना की फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर के नेतृत्व वाले एक केंद्रीकृत कमांड ढांचे के अंदर ला दिया है।
पाकिस्तान की सैन्य ताकत अब ज्यादा
मुनीर पहले से ही पाकिस्तान के आर्मी चीफ हैं। अब वो चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का पद भी संभाल रहे हैं। यह नया कानून उनको पीएम का प्रमुख सैन्य सलाहाकार बनाने के साथ-साथ पूरी सेना पर भी ऑपरेशनल कमांड का अधिकार देगा। इससे पाकिस्तान की सैन्य ताकत पहले से कही ज्यादा एक ही व्यक्ति के हाथ में केंद्रित हो गई है।
सीडीएफ के तौर पर नियुक्त हुए थे मुनीर
यह कानून साल 2025 में हुए उन सभी संवैधानिक बदलावों के अनुरुप है जिनके अंतर्गत सीडीएफ का नया पद बना था। इसके अलावा मुनीर को भी दिसंबर 2025 में पाकिस्तान का पहला सीडीएफ नियुक्त किया गया था। नया कानून उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा और सशस्त्र बलों से जुड़े हुए मामलों पर पीएम का मुख्य सलाहाकर बनाता है। इसके अलावा उन्हें सेना पर भी परिचालन कमांड और नियंत्रण का अधिकार भी देता है।
डोनाल्ड ट्रंप से बढ़ी नजदीकियां
इसके अलावा कुछ महीनों पहले ही आसिम मुनीर का असर सेना से बाहर भी बढ़ चुका है। 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी नजदीकी बढ़ी है। इसमें व्हाइट हाउस में निजी लंच भी शामिल है। अमेरिका ईरान तनाव के दौरान मुनीर ने इस रिश्ते का इस्तेमाल किया था। इस रिश्ते का इस्तेमाल उन्होंने पाकिस्तान को दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की कोशिश की थी।
राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में बड़ी भूमिका
अब डिफेंस लॉ और नेशनल कमांड अथॉरिटी एक्ट में किए गए संशोधनों के जरिए पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और रणनीतिक सैन्य क्षमताओं के संचालन से जुड़े हुए ढांचे के कानूनी आधार पर दिया गया है। ऐसे ही पाकिस्तान के जनरल आसिम मुनीर की सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में भूमिका पहले की तुलना में काफी ज्यादा प्रभावशाली होती है।

