ऊना,सुशील पंडित: श्रावण अष्टमी मेलों के दौरान माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 112 के तहत आदेश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार कोई भी श्रद्धालु मंदिर के समीप स्थित किसी दुकान अथवा मंदिर के रास्ते से सटे किसी अन्य अनधिकृत/अतिरिक्त प्रवेश द्वार या रास्ते से मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं करेगा। सभी श्रद्धालुओं को केवल निर्धारित प्रवेश एवं निकास मार्गों का उपयोग करना होगा तथा निर्धारित कतार व्यवस्था और पुलिस एवं मंदिर प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा।
अनधिकृत प्रवेश द्वारों की पहचान कर सील करने के निर्देश
आदेश में पुलिस को मंदिर के आसपास ऐसे सभी अनधिकृत बैकडोर अथवा सेकेंडरी प्रवेश द्वारों की पहचान करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका उपयोग दुकानदारों अथवा अन्य व्यक्तियों द्वारा श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश करवाने के लिए किया जा रहा है।
ऐसे अनधिकृत प्रवेश द्वारों की पहचान होने पर संबंधित परिसर का विधिवत सत्यापन करने के उपरांत इन प्रवेश द्वारों को तत्काल सील किया जाएगा। यह कार्रवाई मंदिर अधिकारी, नायब तहसीलदार-कम-कार्यकारी मजिस्ट्रेट तथा संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी एवं सहायता से की जाएगी।
भीड़ और अव्यवस्था की आशंका के मद्देनजर आदेश
आदेश में कहा गया है कि श्रावण अष्टमी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण मंदिर के निर्धारित प्रवेश एवं निकास मार्गों पर पैदल आवाजाही का अत्यधिक दबाव रहता है। मंदिर के समीप स्थित कुछ दुकानों में अतिरिक्त प्रवेश द्वार/खुले रास्ते होने की जानकारी सामने आई है, जिनके माध्यम से श्रद्धालु निर्धारित प्रवेश व्यवस्था एवं कतार प्रणाली को दरकिनार कर सीधे मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकते हैं।
आदेश में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें मंदिर परिसर से सटी एक दुकान के माध्यम से श्रद्धालुओं को सीधे मंदिर परिसर में प्रवेश करवाते हुए देखा गया है। आदेश के अनुसार इस प्रकार का अनियंत्रित प्रवेश भीड़, अव्यवस्था तथा निर्धारित कतार व्यवस्था में व्यवधान पैदा कर सकता है और सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था के लिए कठिनाई उत्पन्न कर सकता है।
एसडीएम पारस अग्रवाल ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित प्रवेश एवं निकास मार्गों और कतार व्यवस्था का पालन करें तथा किसी भी अनधिकृत मार्ग अथवा दुकान के माध्यम से मंदिर परिसर में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करने से मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह आदेश 22 अगस्त, 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर लागू कानून के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

