धर्म: सावन का महीना इस बार भक्तों के लिए बहुत खास है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस महीने में बेहद दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। कल यानी की 17 अग्सत को सावन महीने के तीसरे सोमवार के दिन नाग पंचमी का अत्यंत दुर्लभ योग बन रहा है। हिंदू पंचागों की मानें तो सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम 4:52 पर शुरु होगी और 17 अगस्त को शाम 5 बजे खत्म होगी। उदया तिथि की मानें तो नाग पंचमी का यह त्योहार कल मनाया जाएगा। सावन के महीने में नाग पंचमी का पर्व इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि भगवान शिव के गले में नाग देवता आभूषण के तौर पर सुशोभित रहते हैं।
पूजा का मुहूर्त
कल नाग पंचमी के लिए सुबह का मुहूर्त सबसे अच्छा रहेगा। पंचागों के अनुसार, सुबह 6:04 बजे से लेकर सुबह 8:39 बजे तक रहेगा।
नाग पंचमी और सावन सोमवार का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, नाग पंचमी वाले दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार को सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। घर में सुख-शांति आती है। इस बार सोमवार का दिन होने के कारण शिव भक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक और नाग देवता की पूजा एक साथ कर पाएंगे। ज्योतिष शास्त्रों की मानें तो यह दिन राहु-केतू और कालसर्प दोष की शांति के लिए भी बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है।
ऐसे करें पूजा
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, चावल और फूल चढ़ाएं। पुराणों की मानें तो इस दिन शिवलिंग पर नीले रंग का अपराजिता का फुल अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि यह उपाय करने से आपके जीवन के कष्ट दूर होंगे और कर्ज से भी मुक्ति मिलेगी। इसके बाद नाग देवता के चित्र या फिर प्रतीमा पर फूल, अक्षत, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
इस बात का रखें ध्यान
नाग पंचमी वाले दिन जीवित सांपों को पकड़कर जबरदस्ती दूध न पिलाएं। इससे उन्हें नुकसान हो सकता है। इसके अलावा नाग देवता की प्रतिमा, तस्वीर या किसी सात्विक प्रतीक का ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा कल के दिन किसी भी जीव को न सताएं न ही जानवरों को कोई कष्ट दें। पूजा के दौरान अपना मन शांत रखें। क्रोध न करें और किसी को अपशब्ध न कहें।

