धर्म: भाई-बहन के मजबूत रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन इस साल 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस साल श्रावण महीने की पूर्णिमा तिथि पर एक दुर्लभ खगोलीय संयोग भी बन रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है। राखी जैसे शुभ त्योहार के मौके पर चंद्रग्रहण होने के चलते लोग दुविधा में फंस गए हैं। ऐसे में लोगों का यह मानना है कि क्या इस दिन चंद्र ग्रहण होने से त्योहार पर कोई असर पड़ेगा।
चंद्र ग्रहण का समय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 28 अगस्त को जो चंद्र ग्रहण लगने वाला है यह चंद्र ग्रहण आंशिक होगा। ऐसे में यह खगोलिय घटना सुबह 8 बजे से शुरु होकर सुबह 9:43 पर खत्म होगी। ग्रहण की कुल अवधि करीबन 5 घंटे 39 मिनट तक होगी।
भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण
भारत में यह चंद्र ग्रहण नहीं दिखेगा। यह मुख्य रुप से यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका के हिस्सों में नजर आएगा। भारत में यह ग्रहण बिल्कुल भी नहीं नजर आएगा। यह खगोलिय घटना दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दिखेगा।
वहीं अमेरिका के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में भी ग्रहण साफ तौर पर नजर आने वाले हैं। इसके अलावा पश्चिमी एशिया और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में भी देखा जा पाएगा। अमेरिकी क्षेत्रों में चांद के निकलते ही इस धरती की छाया का अनूठा दृश्य देखने को मिलेगा।
क्या भारत में प्रभावी होगा सूतक काल?
हिंदू धर्म शास्त्रों और वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण का सूतक काल और उसका धार्मिक नियम सिर्फ उन्हीं क्षेत्रों में मान्य होता है। जहां पर ग्रहण प्रत्यक्ष तौर पर दिखता है। 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण भारत में चंद्र ग्रहण कहीं नहीं दिखेगा ऐसे में इसका असर भारत में नहीं होगा। सूतक न लगने के कारण मंदिरों के कपाट बंद करने या रोज पूजा-अर्चना पर रोक लगाने की कोई जरुरत नहीं है। ऐसे में श्रद्धालु बिना किसी परेशानी की किसी भी तरह की पूजा, मांगलिक काम और अपने काम कर सकते हैं।
राखी का शुभ मुहूर्त
ग्रहण और सूतक का प्रभाव न होने के कारण राखी के त्योहार और राखी बांधने के समय पर कोई नेगेटिव असर नहीं होगा। बहन बिना किसी हिचकिचाहट के सुबह के शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती है। रक्षाबंधन 2026 के लिए पंचाग के अनुसार, भद्रा पहले ही खत्म हो गई है। ऐसे में 28 अगस्त की सुबह राखी बांधने के लिए यह समय सही है।