ऊना,सुशील पंडित: पशु चिकित्सालय ललड़ी में चिकित्सकों की टीम ने जटिल सर्जरी कर भैंस के पेट से धातु के तारों के 18 टुकड़े निकालकर उसका सफल उपचार किया। गोंदपुर जयचंद निवासी राम अग्निहोत्री की भैंस पिछले करीब 10 दिनों से चारा नहीं खा रही थी। पशुपालक उसे उपचार के लिए पॉलीक्लिनिक लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद अल्ट्रासाउंड करवाया। इसमें भैंस के पेट में बाहरी वस्तु होने की पुष्टि हुई।
पशु की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान पेट से तारों के 18 टुकड़े निकाले गए। सर्जरी के बाद भैंस को आवश्यक उपचार और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल दी गई तथा उसकी स्थिति में सुधार देखा गया। सफल शल्य चिकित्सा डॉ. निशांत रनौत, डॉ. नवनीत शर्मा और डॉ. शिल्पा रनौत की टीम ने की। वेटरिनरी फार्मासिस्ट सौरव के साथ टीम के सदस्य रीमा, सुनंदा, दीपक, सक्षम और विकास ने भी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
चिकित्सकों के अनुसार चारे के साथ पशुओं द्वारा गलती से निगली गई कील, तार, लोहे के टुकड़े अथवा अन्य धातु की वस्तुएं गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में समय पर जांच और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में अल्ट्रासाउंड के माध्यम से समस्या की पहचान होने के बाद सर्जिकल उपचार किया गया, जिससे पशु की हालत में सुधार हुआ। पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों से चारा देते समय उसमें मौजूद तार, कील और अन्य धातु की वस्तुओं को हटाने का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पशु के लगातार चारा न खाने या स्वास्थ्य में असामान्य बदलाव दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।