चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में ‘हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण और विनियमन) नियम, 2026’ के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य राज्य में निजी कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण और कामकाज के लिए एक संरचित नियामक ढांचा प्रदान करना है। ये नियम ‘हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2024’ के तहत बनाए गए हैं, जो उच्चतर अध्ययन, नौकरियों, पेशेवर पाठ्यक्रमों और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग देने वाले निजी कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण और विनियमन का प्रावधान करेंगे।यह एक्ट भारत सरकार द्वारा जनवरी 2024 में जारी की गई गाइडलाइन के अनुरुप हैं।
स्वीकृत ढांचे के तहत प्रत्येक मौजूदा निजी कोचिंग संस्थान के साथ-साथ नया कोचिंग सेंटर खोलने की इच्छा रखने वाले किसी भी संस्थान को नामित पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। पंजीकरण के लिए 10,000 रुपये निर्धारित किया गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से देय होगा। संबंधित प्राधिकरण 30 दिनों के भीतर आवेदनों की जांच करेगा और आवेदन सभी प्रकार से पूर्ण पाए जाने पर, तीन साल के लिए वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करेगा।
नियमों में पंजीकरण के नवीनीकरण का भी प्रावधान है। निजी कोचिंग संस्थान को अपने पंजीकरण प्रमाण-पत्र की समाप्ति से कम से कम एक महीने पहले 5,000 रुपये के नवीनीकरण शुल्क के साथ नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच और त्रुटियों को दूर करने (यदि कोई हो) के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर नवीनीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।
यह ढांचा भवन से संबंधित विवरण प्रस्तुत करने का भी प्रावधान करता है, जिसमें यह शामिल है कि भवन अपना है या लीज/किराए पर लिया गया है, अग्नि-सुरक्षा प्रमाणन, संरचनात्मक स्थिरता (स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी) प्रमाणन और क्या भवन विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांग) छात्रों के लिए बाधा मुक्त (बेरियर-फ्री) है। इसके अलावा कर्मचारियों के चरित्र और पूर्ववृत्त (एंटीसिडेंट्स) के सत्यापन के संबंध में भी जानकारी प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।