नई दिल्ली: ओला, उबर या किसी भी ऐप से कैब बुक करने से पहले स्क्रीन पर जो एक्स्ट्रा टिप देने का ऑप्शन दिखता था अब वो नहीं दिखेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से कैब एग्रीगेटर्स को अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सभी फीचर्स को हटाने के आदेश दे दिए हैं। मंत्रालय का यह कहना है कि सफर शुरु होने से पहले एक्स्ट्रा पेमेंट के लिए ऐसे मैसेज मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 के नियमों का उल्लंघन करती हैं।
अब कैब बुक करने के दौरान नहीं दिखेंगे ऑप्शन
मंत्रालय की ओर से 11 अगस्त को एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें यह कहा गया है कि कैब बुक करने के दौरान यात्रियों को ऐसे मैसेज या ऑप्शन नहीं दिखने चाहिए जिसमें उनको टिप देने के लिए कहा जाए। एडवांस टिप, चूज एन एड ऑन, इंप्रूव योर चांसेज ऑफ क्विकर राइड कंफर्मेशन जैसे ऑप्शन शामिल हैं। ऐसे ही ऐप पर यह मैसेज आता है कि आप राइड जल्द ही पाने के लिए ड्राइवर को टिप दें तो इसको भी हटाना पड़ेगा।
सरकार के अनुसार किसी भी फीचर से यात्रियों को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि कैब फेयर के अलावा एक्स्ट्रा चार्ज देने से कैब जल्दी कंफर्म होगी। इससे ड्राइवर के ट्रिप स्वीकार करने की संभावना बढ़ेगी या फिर उससे अच्छी सेवा मिलेगी। मंत्रालय ने यह साफ किया है कि ऐप का कोई भी फीचर ऐसा नहीं होना चाहिए जिसमें एक्स्ट्रा पेमेंट का ऑप्शन हो।
सरकार ने कहा कि ऐसे ऑप्शन पैसेंज पर एक्स्ट्रा पेमेंट का दबाव बढ़ाते हैं ऐसे में ऐप का इंटरफेस ऐसे तैयार किया जाना चाहिए कि यात्री किसी भी दबाव के अपनी राइड बुक कर पाएं। सरकार ने इस निर्देश से कैब से यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
राइड खत्म होने के बाद ही देनी होगी टिप
मंत्रालय ने इसके लिए मोटर व्हीकल गाइडलाइंस 2025 के क्लॉज 14.15 का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि यात्री ड्राइवर का टिप सिर्फ यात्रा पूरी होने के बाद अपनी इच्छा के अनुसार ही दे सकता है। टिप देना पूरी तरह से अपने अनुसार, होना चाहिए। खास बात यहां पर यह है कि यात्री की ओर से दिया गया पूरा टिप ड्राइवर को मिलना चाहिए। एग्रीगेटर इसमें से किसी भी तरह की कटौती नहीं कर पाएगा। नियमों के अनुसार, इस ऐप पर ऐसा कोई भी टिपिंग फीचर या तरीका नहीं होना चाहिए जो कोई कंफ्यूजन पैदा करे।
ऐप्स में तुरंत किए जाएं बदलाव
मंत्रालय ने सभी मोटर वाहन एग्रीगेटर्स को अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म को तत्काल प्रभाव से रिव्यू करने के लिए कहा है। उनका कहना है कि यदि किसी ऐप में ऐसा कोई इंटरफेस, मैसेज, पेमेंट ऑप्शन, ऐड ऑन या फिर दूसरा फीचर मिलता है तो यह नियमों के खिलाफ होगा। ऐसे में बिना देरी के इसको बदलना पड़ेगा। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि राइड पूरी होने से पहले कोई भी ऑप्शन नहीं दिखाया जाना चाहिए। डायरेक्ट या इन डायरेक्ट पैसेंजर को एक्स्ट्रा पेमेंट करने के लिए कहा जाए।