अमृतसरः दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) गुरप्रीत सिंह भाई जसप्रीत सिंह की पहली बरसी के अवसर पर अमृतसर पहुंचे। इस अवसर पर रणजीत एवेन्यू स्थित छठी पातशाही गुरुद्वारा साहिब में जसप्रीत सिंह की याद में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया, जहां परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। मीडिया से बात करते हुए एलजी गुरप्रीत सिंह ने अपने भाई जसप्रीत सिंह को याद करते हुए कहा कि वह सेवा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों से जुड़े रहे, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा। गुरप्रीत सिंह ने कहा कि उनके परिवार की शिक्षा से जुड़ी विरासत पुरानी है।
उन्होंने बताया कि सरदार तेजा सिंह द्वारा 1917 में सुहेवाली में दो स्कूल शुरू किए गए थे और ये शिक्षण संस्थान आज भी जारी हैं। उन्होंने कहा कि 2026 में भी शिक्षा की आवश्यकता उतनी ही महत्वपूर्ण है और सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यह होगी कि इन संस्थानों को और मजबूत और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनमें कौशल भी होना चाहिए, ताकि वे अपने परिवारों की आय बढ़ाने में योगदान दे सकें।
अमृतसर के साथ अपने पुराने जुड़ाव और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह अवसर राजनीतिक का नहीं है। उन्होंने बताया कि ‘विकसित अमृतसर’ द्वारा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में 50 बच्चों के लिए 8 सप्ताह का एआई डिप्लोमा कोर्स करवाया गया है, जो मुफ्त है। एलजी ने कहा कि समाज से जुड़े लोग यदि अपने अनुभव और क्षमता से अगली पीढ़ी के लिए थोड़ा भी योगदान दें, तो युवाओं के लिए बहुत कुछ किया जा सकता है।