अमृतसरः जिले के नए पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने पदभार संभालने के बाद पहले ही दिन कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक में आने वाले दिनों के लिए एक्शन प्लान स्पष्ट कर दिया है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उनका मुख्य फोकस क्राइम होने के बाद उसकी जांच करने की बजाय क्राइम को पहले ही रोकने पर रहेगा। सीपी हरमनबीर सिंह गिल ने कहा कि कमिश्नरेट की पीसीआर को री-वैम्प करके नई रणनीति के तहत तैनात किया जाएगा। पीसीआर की बीटों को री-अलाइन किया जाएगा और हर बीट के लिए बीट बुक और लैमिनेटेड नक्शा तैयार किया जाएगा। इसमें बीट के अंदर आने वाले अस्पतालों, रेलवे ट्रैक, बैंकों, एटीएम, थ्रेटन्ड पर्सन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की जानकारी दर्ज होगी।
उन्होंने बताया कि पीसीआर के रेड अलर्ट पॉइंट भी तय किए जाएंगे। एक ही समय में अलग-अलग जगहों पर पीसीआर कर्मचारियों की चेकिंग कराई जाएगी ताकि अपराधियों पर पुलिस की मौजूदगी का दबाव बना रहे। क्राइम के साथ-साथ भगोड़ों, पैरोल जंपरों और गंभीर मामलों में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अदालतों द्वारा जारी नॉन-बेलेबल वारंटों की एग्जीक्यूशन भी तेज की जाएगी। 15 अगस्त के मद्देनजर सुरक्षा प्रबंधों की भी समीक्षा की गई है। पुराने और अधूरे मामलों को लेकर भी सीपी ने कहा कि 15 अगस्त के बाद जिला स्तर पर क्राइम मीटिंग करके अनट्रेस्ड मामलों और 6 महीने से अधिक समय से अंडर इन्वेस्टिगेशन केसों की समीक्षा की जाएगी।
गैंगस्टरों द्वारा की जा रही फिरौती की कॉलों के बारे में उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी कॉल आने पर घबराने की जरूरत नहीं और तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा ऐसी कॉलों को ट्रेस करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। युवाओं को गैंगस्टरों और सोशल मीडिया के जरिए गुमराह करने वाले तत्वों से बचने की अपील करते हुए सीपी ने कहा कि यदि कोई युवा जाने-अनजाने में ऐसे नेटवर्क में फंस गया है तो वह पुलिस के पास आ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए पुलिस द्वारा नरमी से काम किया जाएगा। ट्रैफिक की समस्या पर उन्होंने कहा कि शहर के कई बॉटल-नेक पॉइंटों की पहचान करके टेंपरेरी बैरिकेडिंग और डायवर्जन के जरिए ट्रैफिक को रेगुलेट करने की कोशिश की जाएगी।
इसके अलावा ई-रिक्शा की रैश ड्राइविंग पर रोजाना 35 से 40 चालान किए जाने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पहले ड्राइवरों को जागरूक किया जाएगा और उसके बाद इंपॉउंडिंग की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशीली दवाओं और हथियारों की तस्करी पर सीपी ने कहा कि एंटी-ड्रोन सिस्टम के जरिए ड्रोन की लोकेशन का पता लगाकर पुलिस टीमें तुरंत कार्रवाई कर रही हैं। उनके अनुसार इस कार्रवाई के दौरान बड़ी रिकवरी और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। हथियार लाइसेंसों के बारे में उन्होंने कहा कि लाइसेंस किसी को भी बिना जरूरत के नहीं दिया जा सकता। जहां हथियार की वाजिब जरूरत होगी, वहां नियमों और मापदंडों के अनुसार मामले पर विचार किया जाएगा। नए पुलिस कमिश्नर द्वारा पहले दिन ही क्राइम कंट्रोल, पीसीआर की री-वैम्पिंग, गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई, ट्रैफिक प्रबंधन, नशीली दवाओं की तस्करी पर शिकंजा और पुलिस रिकॉर्ड को मजबूती देने को मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।