चंडीगढ़ः नगर निगम की 363वीं जनरल हाउस बैठक में 227 करोड़ रुपए के टेबल एजेंडे को मंजूरी दिए जाने को लेकर मामला गरमा गया है। आप पार्टी के नेता व कार्यकर्ता आज सेक्टर-17 स्थित नगर निगम भवन से सेक्टर-6 स्थित पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक के राजभवन तक पैदल विरोध मार्च के लिए निकले। इस दौरान पुलिस की ओर से आप पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की गई।
जिसके बाद पुलिस की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। दरअसल, इस मामले के विरोध में कांग्रेस के बाद अब आप पार्टी ने भी भाजपा और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला है। पार्टी के नेताओं द्वारा मार्च के बाद पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच की मांग करने की अपील की। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर और कुछ पार्षद लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए मनमानी कर रहे हैं।
आप पार्टी के नेताओं का कहना है कि निगम की बैठक में कई एजेंडा आइटम ज़रूरी आम सहमति के बिना ही पास कर दिए गए, जो नियमों और लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है। ‘आप’ पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि लगभग ₹227 करोड़ से जुड़े एजेंडा के एक अहम मुद्दे को ज़बरदस्ती पास कराया गया। पार्टी का आरोप है कि भाजपा नगर निगम में अपने बहुमत का गलत इस्तेमाल करके फ़ैसले थोप रही है। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में गवर्नर से दखल देने की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और विवादित एजेंडे की जांच की मांग की। इस बीच, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और प्रदर्शनकारियों को गवर्नर हाउस की ओर बढ़ने से रोका।