नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बुधवार को अपनी समीक्षा बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है। अगर आपने होम लोन, ऑटो लोन या किसी अन्य बैंक से कर्ज लिया है तो फिलहाल आपकी मासिक किस्त (EMI) में कोई बदलाव नहीं होगा।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने तीन दिवसीय एमपीसी बैठक के फैसलों की घोषणा करते कहा कि समिति ने मौजूदा घरेलू और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते सर्वसम्मति से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपना ‘तटस्थ’ रुख भी बरकरार रखा है, जिससे भविष्य में आर्थिक हालात के अनुसार ब्याज दरों में बदलाव की गुंजाइश बनी रहेगी।
आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। वहीं मुद्रास्फीति का अनुमान 5.1 प्रतिशत से घटाकर 5.0 प्रतिशत कर दिया गया है, जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
रेपो रेट वह ब्याज दर होती है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी अल्पकालिक जरूरतों के लिए आरबीआई से कर्ज लेते हैं। चूंकि इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्जों की EMI फिलहाल पहले जैसी ही बनी रहेगी।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर बढ़ते जोखिम दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में केंद्रीय बैंक घरेलू आर्थिक स्थिरता और महंगाई पर लगातार नजर बनाए हुए है।