.
Nationalक्या 2000 रुपये की UPI Transaction करने पर देना पड़ेगा Extra Charge?...

क्या 2000 रुपये की UPI Transaction करने पर देना पड़ेगा Extra Charge? जानें नए Rules

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

नई दिल्ली: वित मंत्रालय की ओर से संसद में भुगतान और निपटान प्रणाली विधेयक 2027 पेश किया गया है। इस बिल के अंतर्गत मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने की भी बात कही गई है। यह चार्ज करीबन 2000 रुपये से ज्यादा की लिमिट पर लागू किया जा सकता है। इसका अर्थ यह है कि यदि 2000 रुपये से ज्यादा का पेमेंट एकबार में किया जाता है तो MDR चार्ज देना होगा लेकिन यह कभी लिमिट सभी यूजर्स के लिए नहीं है बल्कि व्यवसाय से जुड़ा हुआ है।

आम यूजर्स पर इसका कोई भी असर नहीं पड़ेगा। दूध, सब्जियां, किराने का सामान जैसी रोजमर्रा की खरीदारी और ऑटो रिक्शा और टेक्सी के किराए पर इसका असर पड़ने की संभावना ही नहीं है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफी भ्रम फैला हुआ है कि कुछ पोस्ट में यह दावा किया गया है कि यह सभी यूजर्स पर लागू होगा परंतु ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।

आखिर क्या होती है 2000 रुपये की लिमिट?

यह प्रस्ताव मुख्य तौर पर 2,000 से ज्यादा व्यापारी लेनदेन और बड़े कमर्शियल संस्थानों को टारगेट करता है। इससे कंज्यूमर टू कंज्यूमर्स के बीच हुए ट्रांजेक्शन को छूट होगी। यदि आप 2000 रुपये से ज्यादा का भी पेमेंट करते हैं तो आपको कोई भी चार्ज नहीं देना पड़ेगा।

आम यूजर्स पहले की तरह से 2,000 से ज्यादा का भुगतान कर सकते हैं। सामान्य यूपीआई सीमा से 1 लाख प्रतिदिन पेमेंट कर सकते हैं। कुछ स्पेशल कैटेगरी में इससे कहीं ज्यादा सीमा तक पेमेंट कर सकते हैं। MDR एक इस तरह का शुल्क है जो व्यवसाय डिजिटल लेनदेन करने के लिए बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को देते हैं परंतु कोई भी शुल्क व्यापारियों पर लागू होगा न कि यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर। यह कदम जनवरी 2020 में शुरु होने वाला था लेकिन सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को यूपीआई रूपे डेबिट कार्ड लेनदेन पर MDR चार्ज लगाने से रोक दिया था।

इन यूजर्स पर लागू होगा

यह मुख्य तौर पर बैंक, यूपीआई सर्विस प्रोवाइडर, मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम, Bhim-UPI के जरिए से छोटे भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों पर पड़ता ही है क्योंकि इसेंसिट इन्हीं ट्रांजेक्शनों के आधार पर ही होता है। एक आंकड़े के अनुसार, 95 फीसदी 2000 रुपये से ज्यादा की लिमिट से कम वाले ही ट्रांजेक्शन होते हैं। सिर्फ 5 फीसदी ही ट्रांजेक्शन 2000 रुपये से ज्यादा का ही होता है। ऐसे में इसका अर्थ है कि इन 5 फीसदी ही इस मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर ये चार्ज लागू होगा।

अभी नहीं लिया गया एक्स्ट्रा वसूली पर फैसला

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2000 के ऊपर के व्यवसायिक लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क 0.25% से 0.4% तक हो सकता है। 25-30 बेसिस पॉइंट्स तक के शुल्क पर भी चर्चा चल रही है। इसके लागू होने की समयसीमा पर अभी तक कोई फैसला ही नहीं लिया गया है।

 

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

Advertisement

Related Articles

Hot this week

Ludhiana News : मजदूरों से भरा Tata 407 पलटा, कई घायल, देखें वीडियो

लुधियाना : दिल्ली हाईवे पर मजदूरों से भरे हैवी...

Himachal News: Naresh Chauhan ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, जयराम ठाकुर पर लगाए गंभीर आरोप

शिमला: मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने...

कौशल विकास और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार...

Ludhiana News : मजदूरों से भरा Tata 407 पलटा, कई घायल, देखें वीडियो

लुधियाना : दिल्ली हाईवे पर मजदूरों से भरे हैवी वाहन के पलटने का मामला सामने आया है। जानकारी के...

मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’ को दी स्वीकृति

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन एवं...

Himachal News: Naresh Chauhan ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, जयराम ठाकुर पर लगाए गंभीर आरोप

शिमला: मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि नेता...

R.D.S.S के तहत बिजली वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं: Tarunpreet Singh Sondh

बिजली नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए 1,296 नए फीडर और 1.12 लाख ट्रांसफार्मर लगाए गए: बिजली मंत्री चंडीगढ़:...