आगराः नाना के घर आई 4 साल की बच्ची के खेलते-खेलते 70 फीट गहरे कुएं में गिरने का मामला सामने आया है। सूचना पर पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कुएं में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल हो गया। करीब 4 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड का जवान ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर कुएं में उतरा। घंटों की मशक्कत के बाद बच्ची को बाहर निकाला गया और सीएचसी पहुंचाया गया। लेकिन, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी मुताबिक, फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र में सरिया गांव में सौरभ रहते हैं। उनकी 4 साल की बेटी बिट्टू आगरा के जैतपुर क्षेत्र के गोपालपुरा गांव में अपने नाना के घर आई थी। करीब 4 बजे वह घर के पास खेल रही थी। तभी पैर फिसलने से पास में बने गहरे कुएं में गिर गई। इसका पता चलते ही गांववालों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। लोगों ने पुलिस-प्रशासन को सूचना दी। इस पर डीसीपी अभिषेक अग्रवाल समेत कई थानों की पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कुएं में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी होने से शुरुआती रेस्क्यू में दिक्कत आई। इसके बाद फायर ब्रिगेड का एक जवान ऑक्सीजन सिलेंडर और सुरक्षा उपकरणों के साथ कुएं में उतरा। काफी मशक्कत के बाद वह बच्ची तक पहुंच सका। करीब 4 घंटे बाद बच्ची को बाहर निकाला गया। लेकिन, तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। जब बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
बच्ची की मौत के बाद पिता सौरभ का गुस्सा मौके पर फूट पड़ा। उन्होंने एसडीएम विनोद कुमार का हाथ पकड़ते हुए नाराजगी जताई। कहा- जो काम एक घंटे में होना चाहिए था, उसमें तीन से चार घंटे लगा दिए गए। अगर उनकी बेटी को समय पर बाहर निकाल लिया जाता, तो वह आज हमारे साथ होती। सौरभ ने अस्पताल प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बच्ची को बिना बताए पोस्टमॉर्टम के लिए आगरा भेजा जा रहा था। एम्बुलेंस में न तो कोई नर्स मौजूद थी और न ही बेटी को ऑक्सीजन दी गई। उन्होंने पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि परिवार जल्द ही लिखित शिकायत देगा।

