नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है। इसमें से दो आजमगढ़ और एक दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए तीनों शूटर दिल्ली में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में जुटे हुए थे। टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे लेकिन इसी दौरान रोहिणी जिला पुलिस को उनके मूवमेंट के बारे में जानकारी मिली और उन्हें दबोच लिया गया है।
स्पेशल स्टाफ ने किया ट्रैक
पुलिस ने यह दावा किया है कि इन शूटरों की गतिविधियों के बारे में खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद अब स्पेशल स्टाफ ने उन्हें ट्रैक करना शुरु कर दिया है। फिर बाद में निगरानी और तकनीकी जांच के आधार पर तीनों को दबोच लिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया है कि इन शूटर्स को विदेश में बैठे नेटवर्क के जरिए जानकारी मिल रही थी। इसके बाद इन्हें वारदात को अंजाम देना था। गिरफ्तार शूटर दिल्ली में हुई कई आपराधिक घटनाओं में वांटेड थे। यह भी पता चला है कि वे पहले कई आपराधिक घटनाओं का अंजाम दे चुके हैं। इनमें हत्या और फायरिंग की घटना आदि शामिल हैं।
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अमेरिका भेजा जाएगा आरोपी
अमेरिकी ने भारतीय जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में आरोपी बनाया है। अब लॉरेंस को अमेरिका प्रत्यर्पित करने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया हुआ है। अपराधियों के लिए अमेरिका से हुए प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुरुप भारत में ट्रायल और सजा पूरी होने के बाद ही उसे निज्जर हत्याकांड में ट्रायल के लिए अमेरिका भेजा जा सकता है।
80 से ज्यादा मुकदमों में दर्ज है नाम
लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या और जबरन वसूली के 80 से ज्यादा मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं। एक्सपर्ट की मानें तो प्रत्यर्पण में देरी होने के बाद अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए भारत निज्जर हत्याकांड की जांच में पूरा साथ कर सकता है। इसके अंतर्गत अमेरिकी जांच कर्ताओं को लॉरेंस बिश्नोई से जेल के अंदर पूछताछ की इजाजत भी दी जा सकती थी। मुंबई आतंकी हमले के आरोपित हेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर राणा से जेल में पूछताछ की इजाजत अमेरिका ने दी थी। भारत ने एनआईए की टीम ने अमेरिका जाकर दोनों का बयान दर्ज किया था।

