डबल इंजन सरकार प्रदेश में जलापूर्ति, सीवरेज और स्वच्छता सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है
चंडीगढ़: हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रदेश में पेयजल, सीवरेज एवं स्वच्छता संबंधी आधारभूत ढांचे को मजबूत करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के लिए 2,534.39 करोड़ रुपये की लागत से 712 नई जलापूर्ति, सीवरेज एवं बरसाती जल निकासी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके तहत हरियाणा के अलग अलग इलाकों में नई जलापूर्ति, सीवरेज एवं बरसाती जल निकासी संबंधित परियोजनाओं में अब तेजी से काम पूरा होगा, इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि आमजन को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार प्रदेश में जलापूर्ति, सीवरेज और स्वच्छता सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना, बेहतर सीवरेज व्यवस्था उपलब्ध कराना और जल प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आमजन को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
हरियाणा जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (WSSB) की 59वीं बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 2,534.39 करोड़ रुपये की लागत से 712 नई जलापूर्ति, सीवरेज एवं बरसाती जल निकासी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके तहत तेजी से विकसित हो रहे शहरों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 603.32 करोड़ रुपये की लागत से 69 जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र की प्रमुख जलापूर्ति योजनाएं शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि शहरी सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 526.49 करोड़ रुपये की लागत से 18 सीवरेज परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनमें बहादुरगढ़, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, जगाधरी और रोहतक की प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ऐलनाबाद और बवानी खेड़ा में बरसाती जल निकासी व्यवस्था में सुधार के लिए 19.11 करोड़ रुपये की लागत से 2 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
रणबीर गंगवा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 1,108.28 करोड़ रुपये की लागत से 603 नई जलापूर्ति संवर्धन एवं सुधार योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं के तहत नए नलकूप लगाए जाएंगे, नहर आधारित जल घर बनाए जाएंगे, मौजूदा नहर आधारित जल घरों का संवर्धन किया जाएगा, विभिन्न बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, नए विकसित क्षेत्रों में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी तथा पुरानी पाइप लाइनों को बदला जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज सुविधाओं के विस्तार के लिए 203.58 करोड़ रुपये की लागत से 13 महाग्राम सीवरेज परियोजनाओं तथा 71.58 करोड़ रुपये की लागत से 3 महाग्राम जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें उज्जीना, बबाइन तथा रामसरण माजरा, उमरी एवं टिकली समूह के 5 गांवों की प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त ग्रामीण बस्तियों में पेयजल आपूर्ति के लिए 2 कार्यों को 0.44 करोड़ रुपये तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए 2 कार्यों को 1.58 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री ने विभाग को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा करने, विभागीय प्रतिष्ठानों पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जल शुल्क संग्रहण में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 31 मार्च, 2027 तक शहरी जल कनेक्शनों का दायरा 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 93 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सुरक्षित पेयजल, प्रभावी सीवरेज व्यवस्था और सतत जल प्रबंधन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण पेयजल, बेहतर स्वच्छता सुविधाएं तथा आधुनिक जल प्रबंधन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतया प्रतिबद्ध है।

