ऊना,सुशील पंडित: ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरी वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर निगम ऊना में कचरा पृथक्करण को अनिवार्य रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार ने सफाई शाखा तथा घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने वाले सभी सफाई कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे प्रत्येक घर, दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान से कूड़े-कचरे को निर्धारित चार अलग-अलग श्रेणियों में ही एकत्रित करें।
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के अनुसार कचरे का पृथक्करण जैसे गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा, सैनिटरी कचरा श्रेणीवार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्रोत पर कचरे का पृथक्करण ठोस कचरा प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहायता मिलती है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित चार श्रेणियों में अलग-अलग करके ही सफाई कर्मचारियों को सौंपें। संयुक्त आयुक्त ने कहा कि निर्धारित नियमों का पालन न करने तथा मिश्रित कचरा देने की स्थिति में ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के तहत चालान की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुंदर एवं प्रदूषण मुक्त ऊना के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। नगर निगम ऊना इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि कचरे का सही पृथक्करण केवल नियमों का पालन ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

