नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के साथ चल रहे व्यापारिक तनाव के बीच में एक और बड़ा कदम उठा लिया है। बीते दिन ट्रंप ने एक डील पर साइन करके Lake Ontario का नाम लेक अमेरिका करने का निर्देश दिया है ऐसे में यह आदेश सिर्फ अमेरिकी संघीय सरकार के आधिकारिक इस्तेमाल पर लागू किया है। कनाडा या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को झील का नाम बदलकर लेक अमेरिका कहने के लिए रोका नहीं जा सकता।
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TO: Office of the Secretary, Department of the Interior
FROM: Director, U.S. Geological Survey
RE: Lake America renameSir,
As of 4:30 pm today the U.S. Geological Survey has officially designated the former Lake Ontario to be renamed as Lake America in all… pic.twitter.com/m4UixlNpEw
— The White House (@WhiteHouse) August 27, 2026
30 दिनों के अंदर पूरी होगी नाम बदलने की प्रक्रिया
व्हाइट हाउस में आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए ट्रंप ने कहा है कि – ‘लेक ओंटारियो का नाम तत्काल प्रभाव से लेक अमेरिका कर दिया जाएगा। सामने आए आदेश के अनुसार, अमेरिकी आंतरिक विभाग को 30 दिनों के अंदर Geographic Names Information System में नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी। इसके बाद में अमेरिका के संघीय सरकार के नक्शों, दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक संचार में नए नाम का इस्तेमाल होगा’। ट्रंप ने यह कहा है कि अमेरिका ग्रेट लुक्स की सुरक्षा और संरक्षण में बड़ी भूमिका निभाएगा। आदेश में यह भी बोला है कि झील का सबसे गहरा हिस्सा जो है वो अमेरिका के क्षेत्र में से आता है और अमेरिका झील के कुल जल-आयतन के बड़े हिस्से पर जाता है।
अमेरिका में है झील का 47% हिस्सा
लेक ओंटारियो उत्तरी अमेरिकी की पांच बड़ी लेक्स में से एक हैं। ऐसे में अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य और कनाडा के ओंटारियो के प्रांत के बीच में स्थित है। रिपोर्ट्स की मानें तो झील का करीबन 47% हिस्सा ऐसा है जो अमेरिका में आता है। वहीं बाकी का हिस्सा कनाडा में है। अमेरिका के प्रशासन ने नाम बदलने के पक्ष में झील की गहराई और जल आयतन से जुड़ा तर्क भी दिया है।
अमेरिका और कनाडा में चल रहा है व्यापारिक तनाव
आपको बता दें कि लेक का नाम बदलने का फैसला अमेरिका की ओर से तब लिया गया है जब अमेरिका औऱ कनाडा में पहले से ही व्यापारिक तनाव चल रहा है। दोनों पक्षों के बीच में हाल के व्यापार वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई थी। इसके बाद से अमेरिका ने करीबन 20 डॉलर कनाडा के उत्पादों पर टैरिफ लगा दिया था। वहीं कनाडा ने इसका जवाब देते हुए शुल्क लगाने की घोषणा की थी।
वहीं ट्रंप लंबे समय से कनाडा की व्यापारिक नीतियों के चलते अपनी नाराजगी भी बता रहे हैं। कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात भी कई बार कई जा चुकी है। इस बात को कनाडा के नेता लगातार खारिज भी कर रहे हैं।