नई दिल्लीः अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर वार्ता के बीच दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सेना ने बड़े पैमाने पर ईरानी सैन्य ठिकानों और नावों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों की सुरक्षा के लिए की गई। हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट्स और उन ईरानी नावों को निशाना बनाया गया जो कथित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। इस दौरान अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया।
इसके अलावा बंदर अब्बास पोर्ट के पास सरफेस टू एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया। सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना जारी युद्धविराम के दौरान संयम बरतते हुए अपने सैनिकों की रक्षा करती रहेगी। अमेरिकी सेना का आरोप है कि बारूदी सुरंगें बिछाने से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को खतरा हो सकता था। हालांकि, हॉकिन्स ने यह भी कहा कि सीजफायर के दौरान अमेरिका संयम बरत रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हमले से दोनों देशों की बातचीत में थोड़ी रुकावट जरूर पैदा कर सकती है, लेकिन फिलहाल शांति वार्ता रुकती नहीं दिख रही। ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन संघर्ष ख़त्म करने वाला कोई समझौता तत्काल होने वाला नहीं है। हॉकिन्स ने बताया कि हमले बंदर अब्बास के पास किए गए। यह दक्षिणी बंदरगाह शहर ईरानी नौसैनिक अड्डे का केंद्र है और होर्मुज स्ट्रेट पर स्थित है। इससे पहले ईरानी सरकारी मीडिया ने ख़बर दी थी कि बंदर अब्बास में धमाकों की आवाज़ सुनने के बाद स्थानीय अधिकारी जांच कर रहे हैं।
