टेक्नोलॉजी: ऐप्पल के सीईओ के तौर पर टिम कुक का आज आखिरी दिन है। करीबन 15 साल तक ऐप्पल की कमान संभालने के बाद अब टिम कुक सीईओ का पद छोड़ रहे हैं। उनके सीईओ का पद छोड़ने के बाद अब ऐप्पल की जिम्मेदारी John Ternus के हाथ में होगी। टिम कुक कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होंगे पर वह अब बतौर सीईओ के तौर पर ऐप्पल के लिए काम नहीं करेंगे।
15 साल तक संभाली कंपनी की जिम्मेदारी
2011 में टिम कुक ने ऐप्पल के सीईओ के पद को संभाला था। उस समय उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती स्टीव जॉब्स के बाद कंपनी को आगे लेकर जाने की थी। काफी लोगों के मन में उस समय यह सवाल भी था कि स्टीव जॉब्स के बाद ऐप्पल को आखिर कौन संभालेगा। टिम कुक ने 15 साल तक यह जिम्मेदारी संभाली और कंपनी को आगे तक ले गए। इस दौरान ऐप्पल को काफी फायदा भी हुआ और कंपनी ने अपने कई सारे नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर भी फोकस किया।
जब टिम कुक कंपनी के सीईओ थे तो इस दौरान कई प्रोडक्ट्स भी लॉन्च हुए। जैसे Apple Watch, Airpods और विजन प्रो जैसे प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं। इसके अलावा ऐप्पल ने अपनी सर्विसेज को भी काफी आगे बढृाया है। Apple Music, ICloud, Apple Tv+ और दूसरी सर्विसेज कंपनी के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन चुकी है। ऐसे में टिम कुक के दौर में कंपनी ने सिर्फ आईफोन पर निर्भर रहने की जगह भी और भी दूसरी जगहों पर अपना बिजनेस फैलाया है।
अब कौन संभालेगा ऐप्पल
टिम कुक के बाद अब जॉन टर्नस ऐप्पल के सीईओ का पद संभालेंगे। वो अभी भी कंपनी में बतौर हार्डवेयर इंजीनियर के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट के पद पर काम कर रहे हैं। टर्नस काफी लंबे समय से ऐप्पल के साथ भी जुड़े हुए हैं। 2001 में उन्होंने कंपनी भी जॉइन की थी। वह कंपनी के प्रोडक्ट्स और काम करने के तरीके को भी अच्छे से जानते और समझते हैं।
पूरी तरह नहीं छोड़ेंगे कंपनी
टिम कुक सीईओ का पद तो छोड़ने वाले हैं पर वो कंपनी को पूरी तरह से नहीं छोड़ेंगे। 1 सितंबर से वो ऐप्पल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बन जाएंगे। ऐसे में कंपनी में उनकी खास भूमिका रहेगी। कुछ मामलों में ऐप्पल की मदद भी वो करते रहेंगे और कंपनी की ओर से कोई जरुरी मामलों को भी संभाल सकते हैं।
जॉन टर्नस अब कंपनी के नई सीईओ बनेंगे। ऐसे में अब उनके ऊपर ऐप्पल की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। खासतौर पर एआई के मामले में ऐप्पल को अब कई बड़ी कंपनियां टक्कर भी दे रही हैं। ऐसे में ऐप्पल की जो एआई स्ट्रेटजी होगी वो नए सीईओ के लिए बड़े काम की हो सकती है। इसके अलावा आईफोन के बाद भी कंपनी को नए प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी को लेकर भी कंपनी को बड़े फैसले लेने पड़ेंगे।