टेक्नोलॉजी: Meta की ओर से अब फेसबुक और इंस्टाग्राम में जल्द बड़े बदलाव किए जाएंगे। इस पर कंपनी ने सहमति भी जता दी है। कंपनी को इसके लिए 18 बिलियन डॉलर भी देना पड़ेगा। यह रकम कंपनी अमेरिका के राज्यों को देगी। कंपनी पर यह आरोप लगा था कि उसके प्लेटफॉर्म ऐसे बनाए गए थे कि टीनएजर्स यूजर्स ज्यादा समय तक उनसे जुड़े हुए रहें और बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम न उठाए जाएं।
ऐसे में समझौते के बाद अब टीनएजर्स के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करने के नियमों में बड़े बदलाव करने पड़ेंगे। वहीं टीनएजर्स के अकाउंट पर डिफॉल्ट के तौर पर डेली दो घंटे की लिमिट होगी। इसके अलावा रात 12 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक अकाउंट अपने आप तक लॉक ही रहेगा। समझौते के अंतर्गत अब मेटा की चाइल्ड सेफ्टी व्यवस्था पर भी 10 साल तक की स्वतंत्र निगरानी रखी जाएगी।
मेटा ने किया समझौता
Meta की ओर से अमेरिकी राज्यों के साथ इस समझौते पर सहमति जताई है। ये मामला उन आरोपों से जुड़ा हुआ था इसमें यह कहा गया है कि मेटा ने जानबूझकर अपने प्लेटफॉर्म को ऐसे बनाया गया था कि युवा यूजर्स ज्यादा समय तक जुड़े रहे हैं। इसके अलावा कंपनी पर ये भी आरोप लगाया है कि बच्चों को सेफ्टी को लेकर कंपनी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। साथ ही कंपनी ने 13 साल से कम उम्र के यूजर्स का डेटा गैरकानूनी तरीके से इकट्ठे कर दिया है। इस मामले में 29 अमेरिका के राज्य शामिल है हालांकि टेक्सास ने अलग समझौता किया है। एक फेडरल जज ने इस समझौते को मंजूरी दे दी है हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि मेटा ने किसी भी तरह की गलती या गैरकानूनी काम करने की बात स्वीकार की है।
टीएनजर्स के अकाउंट पर लगेगी लिमिटेशन
समझौते की सबसे खास बात यह है कि टीएनजर्स के अकाउंट पर अब नई लिमिटेशन लगाई जाएगी। समझौते के अंतर्गत टीनएजर्स को स्थानीय समय के अनुसार, रात को 12 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक Facebook और Instagram इस्तेमाल करने से अपने आप ही रोक दिया जाएगा। उनके अकाउंट पर Meta के ऐप्स में कुल मिलाकर रोज दो घंटे तक इस्तेमाल करने की सीमा होगी। ऐसे में मैसेजिंग और लंबे वीडियो देखना इस घंटे की सीमा में शामिल नहीं होगी। समझौते में शामिल अमेरिकी राज्यों के टीनएजर्स पर भी लागू होगी। ऐशे में भारत या दूसरे देशों में इसको लागू नहीं किया जाएगा। ये समझौता मेटा की कानूनी मुश्किलों को पूरी तरह से खत्म नहीं करेगा। वहीं कंपनी को अब भी कई सारे मुकादमों और मामलों से जूझना पड़ रहा है।