संत शिरोमणि कबीर दास महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम आयोजित
चंडीगढ़: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा है कि बरवाला में संत शिरोमणि कबीर दास जी महाराज के नाम पर एक चौक का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में “संत-महापुरुष विचार प्रसार योजना” के तहत संतों और महापुरुषों से जुड़े महत्वपूर्ण दिवसों को पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मना रही है। इन आयोजनों के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को अपने संतों और महापुरुषों के जीवन, संघर्ष, त्याग और उनके महान विचारों से प्रेरणा मिलती है।
वे शनिवार को हिसार के बरवाला में संत शिरोमणि कबीर दास महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार अंत्योदय के भाव से कार्य कर रही है और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए लाडो लक्ष्मी जैसी महत्वाकांक्षी योजना चलाई गई है।
उन्होंने कहा कि संत कबीर दास जी केवल एक संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक, महान चिंतक और मानवता के सच्चे उपासक थे। उन्होंने अपने दोहों और वाणी के माध्यम से समाज में फैली ऊंच-नीच, छुआछूत, अंधविश्वास और भेदभाव का विरोध किया तथा प्रेम, समानता, भाईचारे और सत्य का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो गई है। युवाओं को शिक्षित बनाने का आह्वान करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में हैं, जहां किसी भी देश और समाज की सबसे बड़ी ताकत उसके शिक्षित और सक्षम नागरिक होते हैं। वही समाज आगे बढ़ेगा जो अपने बच्चों को शिक्षित और योग्य बनाएगा। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान और सशक्त समाज के निर्माण का आधार है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आज छोटे से छोटे घर का युवा भी अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर बड़ी से बड़ी सरकारी नौकरी हासिल कर सकता है। अब सफलता की कुंजी केवल मेहनत और योग्यता है। यह व्यवस्था युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत कर रही है और उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दे रही है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने धानक समाज की ओर से रखी गई सभी मांगों को पूरा करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि समाज की धर्मशाला का निर्माण चल रहा है। 21 लाख रुपए तथा 13 लाख रुपए की राशि से धर्मशाला और लाइब्रेरी का कार्य जल्द ही पूरा होगा। इसके अलावा धानक समाज के लिए एक सामुदायिक केंद्र का भी निर्माण किया जाएगा।
इस अवसर पर अपने संबोधन में पूर्व मंत्री अनूप धानक ने कहा कि संत कबीर दास जी का जीवन हमें सिखाता है कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति, धर्म या वेशभूषा से नहीं, बल्कि उसके कर्म, विचार और आचरण से होती है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे और कोई भी परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंद वर्ग के उत्थान के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन नीतियों का सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट दिखाई दे रहा है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में बदलाव आया है। लोगों को बेहतर सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यही वास्तविक विकास है और यही अंत्योदय की भावना है।


