चण्डीगढ: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वाटरशेड डिवलेपमेंट कम्पोनेंट के तहत प्रदेश में दो लाख एकड़ से अधिक भूमि का लक्ष्य रखकर प्रस्ताव तैयार किए जाए और ज्यादा से ज्यादा खण्डों को शामिल किया जाए नायब सिंह सैनी वाटरशेड डिवेलेपमेंट कम्पोनेंट प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा किसानों को गन्ने की फसल की बिजाई टपका सिंचाई प्रणाली से अपनाने के लिए जागरूक किया जाए।
9 खण्डों के 74 गांवों में माईक्रो वाटरशेड कार्यों पर 40 करोड़ खर्च
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटरशेड डिवेलेपमेंट कम्पोेनेंट के तहत प्रदेश के भिवानी, चरखी दादरी, महेन्द्रगढ, गुरूग्राम, यमुना नगर सहित 5 जिलों के बहल, लोहारू, बाढड़ा, नांगल चौधरी, महेन्द्रगढ, सोहना, पटौदी, छछरौली तथा सढौरा सहित 9 खण्डों के 74 गांवों में माईक्रो वाटरशेड कार्यों पर लगभग 40 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई।

अटल भूजल से 40405 किसानों ने अपनाई टपका सिंचाई प्रणाली
उन्होंने बताया कि बबैन, शाहाबाद, थानेसर, पिपली, इस्माईलाबाद, गुहला, सिवन, रतिया एवं सिरसा खण्डों में 35 करोड़ रुपए की लागत से एक हजार बोरवेल लगाए गए। इसके अलावा सिरसा, कुरूक्षेत्र, कैथल, हिसार, फतेहाबाद में 847 बोलवेल और लगाए जा रहे हैं।