चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने गुरुवार को राज्य में एनीमिया के बोझ को अगले एक साल के भीतर 10 अंक तक कम करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की। यह कदम हरियाणा द्वारा ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक विस्तारित 7x7x7 ढांचे को लागू करने की तैयारियों के बीच उठाया गया है।
डॉ मिश्रा ने बताया कि यह 7×7×7 दृष्टिकोण एनीमिया से लड़ने की एक सरल रणनीति है, जो सात प्रमुख लक्षित समूहों पर ध्यान केंद्रित करती है। इसमें आयरन-फॉलिक एसिड सप्लीमेंटेशन, जांच और उपचार, पेट के कीड़े मारने की दवा (डिवर्मिंग) और पोषण संबंधी परामर्श जैसी सात प्रमुख पहलों का उपयोग किया जाता है। इस गहन रणनीति के तहत छह महीने तक की उम्र के कम वजन वाले बच्चों को लाभार्थी ढांचे के दायरे में लाया जाएगा।
इसके अलावा, स्थानीय रूप से उपलब्ध आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों और विविध आहार को बढ़ावा दिया जाएगा, तथा डिजिटल निगरानी और केस ट्रैकिंग को मजबूत किया जाएगा। यह एनीमिया के खिलाफ तकनीक-संचालित और परिणाम-आधारित कार्रवाई की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि अगला चरण ‘T4’ दृष्टिकोण—टेस्ट (Test), ट्रीट (Treat), टॉक्स (Talk) और ट्रैक (Track)—द्वारा संचालित होगा। यह केवल पहचान और उपचार तक सीमित रहने के बजाय व्यक्तिगत केस प्रबंधन, निरंतर फॉलो-अप और मापने योग्य स्वास्थ्य परिणामों की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।