शिमला : गवर्नर कविंदर गुप्ता ने शिमला के लोक भवन में आयोजित राज्य-स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में 32 शिक्षकों को ‘राज्य शिक्षक पुरस्कार’ और एक शिक्षक को 2025 के ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित किया। पुरस्कार पाने वालों को बधाई देते हुए, उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों की अहम भूमिका पर जोर दिया। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्रों के चरित्र, मूल्यों, आत्मविश्वास और अंततः देश के भविष्य को आकार देते हैं।

गवर्नर ने ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को हासिल करने के लिए गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और मूल्यों पर आधारित शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। NEP 2020 का जिक्र करते हुए, उन्होंने कौशल, रचनात्मकता, इनोवेशन, रिसर्च और चरित्र निर्माण पर बढ़ते फोकस को रेखांकित किया। उन्होंने ‘परख’ (PARAKH) राष्ट्रीय सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश के प्रदर्शन, खासकर ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी’ (FLN) में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल करने के लिए राज्य की तारीफ की। उन्होंने कहा कि AI, रोबोटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी के दौर में भी शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और मूल्यों की जगह कोई नहीं ले सकता।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक नियुक्तियों, पहली कक्षा से अंग्रेजी की शुरुआत, स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने, स्टाफ के तर्कसंगत बंटवारे (rationalisation) और छात्रों व शिक्षकों के लिए शैक्षिक एक्सपोजर प्रोग्राम जैसी पहलों का जिक्र किया। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को बधाई दी और दूसरों को प्रेरित करने के लिए उनकी सफलता की कहानियों को डॉक्यूमेंट करने का सुझाव दिया। गवर्नर ने एक स्मारिका भी जारी की, जबकि छात्रों ने इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।