हरिद्वार: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद मीडिया से बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू के दौरान रिश्वत और सिफारिश की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में सुविधाओं की कमी का भी मुद्दा उठाया। इस दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर और रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के बाद अब कई शहरों में स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी प्रदर्शन की राह पर चल रहे हैं। स्कूल में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में वे डीएम दफ्तर तक का घेराव कर दे रहे हैं। इस पूरे मामले पर योगगुरु बाबा रामदेव का बयान सामने आया है।
उन्होंने जेनजी और जेन अल्फा बच्चों के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा- ये घपले ठीक कर लो। कहीं ऐसा न हो कि बाबा रामदेव को दोबारा आंदोलन करना पड़ जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में बड़े स्तर पर गड़बड़ी होती है और अपने जाति, वर्ग, संगठन के लोगों को फायदा पहुंचाकर दूसरों को बाहर कर दिया जाता है। इंटरनेट पर सामने आए एक वीडियो में बाबा रामदेव कहते हैं- चारो तरफ देश में आज हंगामा है। स्कूल कॉलेजों से छोटे छोटे बच्चे निकल रहे कि हमारे यहां टीचर नहीं है। हमारे यहां लाइट नहीं है।
हमारे यहां पानी नहीं है। हमारे यहां शौचालय नहीं है। हमारे यहां टीचर है तो किताबें नहीं है। किताबें हैं तो कही नकल हो जाती है। पेपर लीक हो जाता है। पेपर पास कर लिया। दसवीं और 12वीं के एक्जॉम पास कर लिया तो वे मार्क्स कहीं जुड़ते ही नहीं हैं। हर यूनिवर्सिटी वाले प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही एडमिशन लेते हैं। बाबा रामदेव ने राजनेताओं से भी आपस में लड़ने की बजाय देशहित में साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनेताओं को आपस में लड़ना नहीं चाहिए। लड़ने के लिए पाकिस्तान, विदेशी ताकतें हैं, आपस में नहीं लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि घृणा ठीक नहीं है। देश में जो अच्छा हो रहा है उसकी सराहना भी करनी चाहिए। बाबा रामदेव का कहना है कि एक दूसरे से नफरत नहीं करनी चाहिए।
