रतलामः मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 3 महिलाओं समेत 4 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल उपचार के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। हादसे में 3 साल की बच्ची और 10 साल का बच्चा भी घायल हुआ है। सभी लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं और झाबुआ से राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वह घसीटते हुए आगे जाकर पलट गई।
बताया जा रहा है कि रतलाम जिले के शिवगढ़ के पास ट्रक क्रमांक RJ 14 GP 7281 में तकनीकी खराबी आने के कारण उसे सड़क किनारे खड़ा किया गया था। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार अर्टिगा चालक को ट्रक समय पर दिखाई नहीं दिया और कार सीधे उसके पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार लोग अंदर फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही एनएचएआई की एंबुलेंस और शिवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस एवं राहत दल ने कड़ी मशक्कत कर कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
घायलों को दो एंबुलेंस की मदद से रात में ही मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे का शिकार हुआ परिवार इंदौर, धार और झाबुआ के पारा का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में मातम छा गया। झाबुआ जिला नजदीक होने के कारण परिवार के कुछ सदस्य रात में ही अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रक से टक्कर को हादसे की वजह माना जा रहा है। हादसे ने एक बार फिर रात के समय एक्सप्रेसवे पर खड़े वाहनों की सुरक्षा और उनकी पर्याप्त संकेत व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
