ऊना/सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय, वंगाणा की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय वार्षिक विशेष शिविर का भव्य समापन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमंडलाधिकारी वंगाणा सोनु गोयल रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नेहरू युवा केंद्र के युवा समन्वयक प्रदीप चौधरी तथा एनएसएस राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त स्वयंसेवी ऋषभ चौधरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रेखा शर्मा ने की।
मंच का संचालन वधेहि शर्मा और तनु ठाकुर ने किया ।समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर NSS स्वयंसेवियों हिना, खुशबू, सिमरन, शगुन, श्वेता एवं शिवानी सहित विभिन्न समूहों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने देशभक्ति, सामाजिक जागरूकता और सेवा भावना का संदेश दिया। कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सिकंदर नेगी ने अपने संबोधन में बताया कि सात दिवसीय शिविर के दौरान स्वयंसेवियों ने सड़क सुरक्षा, साइबर क्राइम, डिजिटल इंडिया, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा, नशा निवारण, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं कानूनी जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक एवं बौद्धिक सत्रों के माध्यम से ज्ञान अर्जित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्वयंसेवी समाज में जाकर इन विषयों पर जनजागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे।
मुख्य अतिथि सोनू गोयल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि NSS केवल एक इकाई नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक सेवा का सशक्त मंच है। उन्होंने स्वयंसेवियों को समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवियों को सम्मानित किया गया। शिविर का सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवी पुरस्कार कुशल राणा एवं आरती को प्रदान किया गया। बेस्ट डिसिप्लिन अवार्ड करण सोनी को, बेस्ट वर्कर अवार्ड विवेक को तथा बेस्ट मैनेजमेंट अवार्ड गौरव को दिया गया। इसके अतिरिक्त फ्री रेडी (विशेष सराहना) पुरस्कार पूनम, सुरुचि, कृष्णा एवं मुस्कान को प्रदान किए गए।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण—प्रोफेसर अनिल शर्मा, प्रोफेसर किरण कुमारी, प्रोफेसर नंदलाल, डॉ. किरण ठाकुर, डॉ. कुलदीप सिंह, प्रोफेसर संजय शर्मा तथा प्रोफेसर मुकेश सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। सात दिवसीय शिविर ने विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ किया, जो भविष्य में समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।