वाल्मीकि संगठन ने पुल जाम करने की दी चेतावनी
अमृतसरः अदालत परिसर के बाहर पार्किंग स्टैंड पर हुए झगड़े के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीड़िता अंजलि ने आरोप लगाया कि लगभग ढाई महीने पहले उसके परिवार को पीटा गया था और उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया था। हालांकि, पुलिस ने उन्हें न्याय देने के बजाय उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया। अंजलि ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें न्याय नहीं दिया गया, तो वह चौकी के सामने खुद पर तेल डालकर आत्महत्या कर लेगी।
पीड़ित अंजलि ने कहा कि बहस के दिन उसका पति नीरज बाहर खड़ा था, जहां दूसरे पक्ष ने वाहन को हटाने को लेकर बहस शुरू कर दी और जातिवादी शब्द बोले। इसके बाद उनकी मां, बहन और उन्हें बुरी तरह पीटा गया, जिनके वीडियो भी हैं। पीड़ित के साथ गई हनी नाम की एक महिला ने यह भी कहा कि पुलिस पिछले ढाई महीने से लार निकाल रही है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इस मामले में भगवान वाल्मीकि संघर्ष दल पीड़ित परिवार के पक्ष में सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है।
पंजाब के अध्यक्ष शमशेर सिंह शेरा ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की पिटाई के बावजूद पुलिस ने उनके खिलाफ डकैती का झूठा मामला दर्ज किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने दो दिनों के भीतर दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो संगठन भंडारी पुल को अवरुद्ध करके कड़ा विरोध प्रदर्शन करेगा। दूसरी ओर, चौकी अदालत परिसर के प्रभारी पुलिस अधिकारी ने कहा कि अंजली को पहले ही मामला संख्या 146/24 में उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। अब उन्हें पुलिस आयुक्त कार्यालय के माध्यम से शिकायत मिली है। मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है और शिकायत की जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।