अमृतसरः अमृतसर में एक घटना सामने आई है, जिसमें 25 और 26 सितंबर की रात को A-डिविजन पुलिस स्टेशन के इलाके में तीन अलग-अलग जगहों रेलवे स्टेशन, भंडारी ब्रिज और हॉल गेट पर देश-विरोधी और आपत्तिजनक नारे लिखे गए। दीवारों पर वेलकम एंबेसडर गोरा बट पंजाब इज नॉट इंडिया, ट्रंप-अमेरिका खालिस्तान ज़िंदाबाद, और पंजाब हूल खालिस्तान जैसे नारे लिखे गए थे। पुलिस के ध्यान में आया कि घटना के बाद गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सोशल मीडिया पर इन दीवारों पर लिखे नारों के बारे में एक वीडियो जारी किया।
मामले की गंभीरता को समझते अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस टीमों ने केस सुलझा लिया और सिर्फ 24 घंटे के अंदर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों की पहचान मंगल सिंह और अर्शदीप सिंह के तौर पर हुई है। मंगल सिंह ऑटो-रिक्शा ड्राइवर है, जबकि अर्शदीप सिंह मजदूरी का काम करता है। पुलिस जांच में पता चला कि अर्शदीप सिंह विदेश में रहने वाले ‘गोरा’ नाम के एक हैंडलर के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक, इस घटना की योजना स्नैपचैट पर बातचीत के ज़रिए बनाई गई थी। जांच में यह भी पता चला कि स्थानीय युवाओं को विदेश भेजने, पैसे देने और आर्थिक मदद का लालच देकर इस काम को करने के लिए बहकाया गया था। इस मामले में हरप्रीत सिंह, गोरा और गुरप्रीत सिंह पन्नू के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस बाकी साथियों की तलाश कर रही है और विदेशी कनेक्शन समेत पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
अमृतसर के A-डिविजन पुलिस स्टेशन में BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जो लोग सार्वजनिक शांति भंग करने, भड़काऊ सामग्री फैलाने या तनाव पैदा करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ़ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।