अमृतसरः लुधियाना में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान को लेकर आज वाल्मीकि समुदाय द्वारा भंडारी पुल जाम कर दिया गया। समाज के लोग 1 घंटे तक सड़क पर बैठकर ‘वाल्मीकि शक्ति अमर रहे’ के नारे लगाते रहे। इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं को चालू रखा गया, जबकि आम यातायात प्रभावित रहा। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भंडारी पुल पर जाम, सुबह 10 बजे से 1 बजे तक लगाया जाना था, लेकिन 11 बजे शुरू होकर एक घंटे बाद ही पुल खोल दिया गया।
नेताओं ने कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं की गई और न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा। उन्होंने यह भी मांग की कि बाबा साहेब की मूर्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और बेअदबी करने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए। इस विरोध प्रदर्शन में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में राज्य स्तर पर एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
उधर, जाम से बचाने के लिए पुल से पहले बैरिकेडिंग की गई। जहां पुलिसकर्मी लोगों को रोकते दिखे। उधर, बैरिकेडिंग को लेकर पुलिसकर्मी खुद आपस में ही भिड़ गए। एएसआई समझाते दिखे कि एडीसीपी ने बैरिकेडिंग करवाई है, मगर पीसीआर कर्मी कहने लगे कि इसे हटाओ हम अपने आप जाम खुलवा लेंगे। एक दिन पहले केंद्रीय वाल्मीकि मंदिर में विभिन्न संगठनों की आपात बैठक में अमृतसर बंद के आह्वान को वापस ले लिया गया। संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि लगातार बंद के कारण व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान हो रहा है। व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को अमृतसर में पूर्ण बंद नहीं किया जाएगा।