अमृतसरः अमृतसर के गेट हकीमा पुलिस स्टेशन इलाके में झबाल रोड पर हंगामा हुआ, जहां निहंग सिख विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान एक और निहंग सिख वहां पहुंचा जिसे प्रदर्शन कर रहे निहंगों ने उसे रोका और बुरी तरह पीटा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब गेट हकीमा पुलिस स्टेशन के एसएचओ पीड़ित को बचाने पहुंचे। घटना के दौरान निहंग सिखों और पुलिस अधिकारी के बीच हाथापाई भी हुई। बाद में पुलिस ने जिस निहंग सिख के साथ मारपीट हो रही थी, उसे अपनी गाड़ी में बिठाया और पुलिस स्टेशन ले गई।
मीडिया से बात करते विरोध प्रदर्शन कर रहे निहंग सिख ने बताया कि करीब एक घंटे पहले उन पर हमला किया गया था और गोली चलाई गई थी, जिसके बाद वे विरोध करने के लिए बैठ गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष ने जासूसी के लिए एक व्यक्ति को भेजा था; हालांकि वे उस व्यक्ति को पकड़ने में कामयाब रहे थे, लेकिन एक पुलिस अधिकारी ने बीच-बचाव किया और उस व्यक्ति को उनकी हिरासत से ले गया।
निहंग सिख ने मेजर सिंह भिंडेवाड के साथ चल रहे विवाद का भी जिक्र किया और दावा किया कि पुलिस प्रशासन ने पहले पकड़े लोगों को छोड़ दिया था। विरोधी पक्ष के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते उन्होंने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
वहीं गेट हकीमा पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने बताया कि सड़क से कुछ गाड़ियां गुजरी थी, जिन गाड़ियों को निहंग सिख ने मेजर सिंह की गाड़ियां बताया और इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हालांकि दोनों गुटों के बीच पहले से कुछ रंजिश है, लेकिन घटनास्थल पर गाड़ियों के गुजरने के अलावा कोई खास घटना नहीं हुई।
एसएचओ ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिस अफसर ने रिपोर्ट दी है कि जब गाड़ियां गुजर रही थी तो प्रदर्शनकारी अपशब्द कह रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि सड़क जाम होने की वजह से ट्रैफिक का रास्ता बदल दिया गया है और सीनियर अफसरों से बातचीत करके प्रदर्शन खत्म करवाने की कोशिशें की जा रही है। फिलहाल, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे है। पुलिस हालात को काबू में रखने के लिए सख्त कदम उठा रही है।