चंडीगढ़: पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पद से इस्तीफा दे दिया है। दरअसल विधानसभा चुनावों से 6 महीने पहले कांग्रेस पंजाब में अपनी पार्टी को व्यवस्थित करने की कोशिश कर रही है और इसी क्रम में राजा वडिंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उम्मीद है कि पार्टी अगले 24-48 घंटों में उनके उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा करेगी। कांग्रेस अब जल्द ही उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान कर सकती है।
पार्टी के भीतर विजय इंदर सिंगला, सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, गुरजीत सिंह औजला और सुखबिंदर सिंह सरकारिया समेत कई नामों पर चर्चा चल रही है। राजा वडिंग के नेतृत्व को लेकर पंजाब कांग्रेस में विवाद नया नहीं है। इस साल जून-जुलाई में कांग्रेस ने पंजाब संगठन को लेकर नेताओं से विचार-विमर्श किया था। पार्टी के पर्यवेक्षकों की एक टीम ने भी प्रदेश के नेताओं से बातचीत की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उस प्रक्रिया में पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए प्रमुखता से सामने आया था।
इसके बावजूद कांग्रेस हाईकमान ने 1 जुलाई 2026 को राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर बनाए रखने का फ़ैसला किया था। साथ ही चन्नी को पार्टी की कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था। हाईकमान की कोशिश थी कि संगठन की कमान वडिंग के पास रहे और चुनावी अभियान में चन्नी की भूमिका बढ़ाई जाए। लेकिन यह फार्मूला प्रदेश कांग्रेस के भीतर विवाद को पूरी तरह खत्म नहीं कर सका। वडिंग और चन्नी के समर्थकों के बीच खींचतान जारी रही।
राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के फ़ैसले के बाद कांग्रेस के भीतर एक धड़ा इससे संतुष्ट नहीं था। पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने नेतृत्व में बदलाव की मांग उठाई। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा को लेकर भी उस समय ऐसी खबरें आईं कि वे मौजूदा व्यवस्था से सहमत नहीं थे। अगस्त में भी वडिंग ने साफ कहा था कि वह खुद इस्तीफा नहीं देंगे और अगर पार्टी हाईकमान उन्हें बदलना चाहता है तो वह उसके फैसले को स्वीकार करेंगे। अब हाईकमान के नेतृत्व परिवर्तन के फैसले के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया है।