लुधियानाः थाना कुमकलां के अंतर्गत गांव सालू भैणी में हुए दर्दनाक हादसे में स्कूल बस के नीचे आने से 3 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। मृत बच्चे की पहचान समरदीप सिंह के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सालू भैणी निवासी हरमेष सिंह की बेटी रमनदीप कौर जो कड़ियाना के एक निजी स्कूल में पढ़ती है। रोज की तरह लड़की की मां अमनदीप कौर अपनी बेटी रमनदीप कौर को स्कूल भेजने के लिए सड़क पर बस चढ़ाने गई। अपनी बहन को स्कूल बस में बिठाने के लिए मासूम बच्चा समरदीप सिंह भी अपनी मां के साथ चला गया।
सड़क पर जब स्कूल बस आई तो लड़की को बस में बिठा दिया गया और समरदीप सिंह अपनी मां की उंगली पकड़कर बस के आगे से गुजर रहा था कि अचानक ड्राइवर ने इसे चला दिया। इस हादसे में बच्चा समरदीप सिंह बस के पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद स्कूल बस चालक अपनी बस लेकर भाग गया, जिसे कुछ किलोमीटर दूर जाकर घेर लिया गया। अचानक मासूम बच्चे समरदीप सिंह की मौत से मां की चीखें निकल गईं और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, कुमकलां पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है, जिसने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर मधु बाला ने बताया कि पुलिस ने पारिवारिक सदस्यों के बयानों के आधार पर बस चालक नवदीप सिंह निवासी गरचा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रमुख ने कहा कि आज जो घटना में मासूम बच्चे की मौत हुई है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और इस मामले में जिस स्कूल प्रबंधक की लापरवाही है, उसकी भी जांच जारी है। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों से कहा कि स्कूली बसों में ड्राइवरों को हेल्पर भी मुहैया कराया जाए ताकि वे आसपास नजर रख सकें और कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना न हो सके।
गांव सालू भैणी के मासूम बच्चे समरदीप सिंह की मौत हो जाने के कारण गांव में शोक की लहर है। गांववासियों ने कहा कि इस घटना के कारण जहां बस चालक की उपेक्षा सामने आई है, वहीं स्कूल प्रबंधकों पर भी लापरवाही के आरोप लगे। उन्होंने कहा कि स्कूली बसों में ड्राइवर के साथ-साथ हेल्पर भी जरूरी है, लेकिन इस बस के साथ कोई हेल्पर मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि जो स्कूल प्रबंधक बसों के दस्तावेज और नियमों के अनुसार नहीं चलते, उनके खिलाफ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करे।
