अमृतसरः शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य कार्यालय तेजा सिंह सुमंदरी हाल में हुई जनरल हाउस की बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि भले ही सदस्यों के बीच कई बार मतभेद हो जाते हैं, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान और अधिकार के मुद्दे पर सभी सदस्य एकजुट हैं। उन्होंने घोषणा की कि 5 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस के मौके पर गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल, श्री दरबार साहिब में सुबह 11 बजे विशाल पंथक समागम बुलाया गया है। इसमें SGPC सदस्यों के साथ-साथ दमदमी टकसाल, निहंग सिंह दलों, सिंह सभाओं, चीफ खालसा दीवान, कार सेवा संस्थाओं, सिख विद्वानों, विभिन्न संगठनों और गुरुद्वारा कमेटियों को भी शामिल होने का आमंत्रण दिया जाएगा।
धामी ने महाराष्ट्र सरकार की ओर से तख्त श्री हज़ूर साहिब से संबंधित 1956 के अधिनियम में संशोधन की कोशिश का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह गुरुद्वारा प्रबंध में सीधी दखलअंदाजी है और सिखों की धार्मिक स्वायत्तता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि SGPC ने इस प्रस्ताव को शुरू से ही खारिज कर दिया है और महाराष्ट्र सरकार से इसे वापस लेने की अपील की है। उन्होंने बताया कि वह खुद और सिंह साहिब महाराष्ट्र जाकर इस मामले को वहां की सरकार के समक्ष उठाएंगे।
SGPC अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के विवादित बयानों और धार्मिक मामलों में दखल देने के मद्देनजर SGPC का एक प्रतिनिधिमंडल DGP पंजाब से मुलाकात करेगा। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी और संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ कथित बेअदबी को लेकर भी संगत को जागरूक करने के लिए एक बड़ी मुहिम चलाई जाएगी। इसके साथ ही SGPC के प्रचारक और सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में संगत को श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों और सिख परंपराओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम करेंगे।

