चंडीगढ़, 23 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक अहम छात्र-हितैषी फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तक वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार किया है।
नए फैसले के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से Punjab School Education Board (PSEB) कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्रों को सीधे किताबें उपलब्ध कराएगा। इससे लंबे समय से चल रहे अधिकृत एजेंसियों और बुकशॉप के एकाधिकार को समाप्त किया जाएगा।
पारदर्शिता और कम लागत पर फोकस
शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा को अधिक सुलभ, पारदर्शी और किफायती बनाना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब स्कूल केवल किताबों के वितरण में सहयोग करेंगे और किसी भी प्रकार का अतिरिक्त लाभ नहीं कमा सकेंगे। “स्कूल यह सुनिश्चित करेंगे कि छपे हुए रियायती मूल्य से अधिक कोई राशि न ली जाए। इस फैसले से 10 लाख से अधिक छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा,” उन्होंने कहा।
मंत्री ने यह भी बताया कि पहले जो 15% छूट बुक सेलर्स को दी जाती थी, अब वह सीधे छात्रों को दी जाएगी, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसान होगी पूरी प्रक्रिया
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए PSEB ने एक विशेष ई-कॉमर्स पोर्टल तैयार किया है, जिससे किताबों की मांग और वितरण प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी।
छात्र और अभिभावक मोबाइल ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किताबें ऑर्डर कर सकेंगे, जबकि स्कूल कक्षा और विषय के अनुसार अपनी जरूरतें ऑनलाइन अपलोड करेंगे। हर छात्र को अलग लॉगिन आईडी दी जाएगी, जिससे प्रक्रिया और अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी।
PSEB के चेयरमैन Dr. Amarpal Singh ने बताया कि इस पोर्टल को सुरक्षित ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जोड़ा गया है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी रहेगी।
उन्होंने कहा कि यह सिस्टम खास तौर पर इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसी भी तरह की ओवरचार्जिंग की संभावना खत्म हो जाए।
नई नीति के तहत PSEB के क्षेत्रीय कार्यालय ऑर्डर के आधार पर किताबों के बंडल तैयार करेंगे और उन्हें समय पर स्कूलों और छात्रों तक पहुंचाया जाएगा।
इसके अलावा, स्कूलों को यह लिखित आश्वासन देना होगा कि वे निर्धारित रियायती मूल्य से अधिक कोई शुल्क नहीं लेंगे। इससे नीति का सख्ती से पालन सुनिश्चित होगा।
यह पहल पंजाब सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें शिक्षा को हर वर्ग के लिए सुलभ और किफायती बनाना प्राथमिकता है। इस कदम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों और अभिभावकों को राहत भी मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस नई प्रणाली से पाठ्यपुस्तक वितरण में बड़ा सुधार आएगा और शिक्षा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनेगी।
