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Punjab News: विदेश में जहरीली पंजीरी खाने के मामले में परिवार में महिला की बिगड़ी तबीयत, FIR दर्ज

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मोहालीः जर्मन में पूरे परिवार को जहरीली पंजीरी खिलाई गई। इस घटना में आरोपी द्वारा पूरे परिवार को मारने की कोशिश की गई। मोहाली की सेक्टर-117 की रहने वाली रचना ने बताया कि 9 दिसंबर 2025 को मेरी फ्लाइट थी। जाने से पहले 7 दिसंबर को मैंने बेटी के लिए अपनी फ्रेंड के घर पंचकूला में पंजीरी बनाई। उस पंजीरी को मैं 3 पैकेट में पैक कर जर्मनी में रह रही अपनी गर्भवती बेटी के लिए पंजीरी लेकर गई थी। पंजीरी खाने के बाद उसकी बेटी समेत पूरा परिवार बीमार हो गया। जहां उपचार के दौरान उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि बेटी को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। जांच में पता चला कि पंजीरी में जहर मिला हुआ था। महिला को गंभीर हालत में भारत लाया गया था।

जब थोड़ी ठीक हुई तो करीब चौदह दिन पहले उन्होंने मोहाली पुलिस में इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने अब पड़ताल करने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 123 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान पंजीरी में थैलियम नामक जहर मिलने की पुष्टि हुई, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहे मारने की दवा और कीटनाशकों में किया जाता है। इस जहर के प्रभाव से महिला और उसकी बेटी के सिर के बाल पूरी तरह झड़ गए। हालांकि महिला ने पंजीरी में जहर मिलाने का संदेह अपने नौकर पर जताया था, जो कि फरार चल रहा है। रचना कपूर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ साल पहले उनके पति की मौत हो चुकी है।

उनकी सेनेटरी नेपकिन बनाने की कंपनी है, जो गुजरात में है। जबकि, ग्लोबल विजन नेटवर्क नाम से एक आईटी कंपनी भी है। उसकी इकलौती बेटी है। रचना कपूर ने बताया कि उनकी बेटी एडवोकेट रणजीता बत्रा शादी के बाद जर्मनी में रहती है। कुछ समय पहले उसने वहां घर खरीदा था। अब उसके दूसरा बच्चा होने वाला था। उसकी डिलीवरी के लिए वह भी जर्मनी गई थीं। महिला ने कहा कि 8 दिसंबर को मैंने सामान पैक किया। 9 दिसंबर को मैंने दिल्ली से फ्लाइट पकड़ी और जर्मनी पहुंची। वहां मैंने पंजीरी का एक पैकेट खोलकर उसके लड्‌डू बना दिए। मेरी बेटी और हमने वे लड्डू खाए। एक जनवरी 2026 को मेरी बेटी ने बच्चे को जन्म दिया।

पीड़िता ने कहा कि वे लड्‌डू मैंने, मेरी बेटी ने और बेटी की सास ने खाए। कुछ लड्‌डू बेटी की ननद और अन्य ने भी खाए। उन्हें खाते ही सभी की तबीयत बिगड़ गई। बेटी, उसकी सास, जेठानी और मुझे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ। रचना के अनुसार, सभी रिश्तेदार टूरिस्ट वीजा पर जर्मनी गए थे, इसलिए बीमार हालत में ही सभी को एयरलिफ्ट कर भारत लाया गया। यहां बेटी की सास को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया। जबकि, मैं मोहाली के अस्तपाल में भर्ती हुई।

जर्मनी के अस्पताल और पुलिस ने जांच में पाया कि सभी ने जो पंजीरी के लड्‌डू खाए हैं, उनमें थैलियम नाम का जहर था। यह बात भारत में अस्पताल के डॉक्टरों ने भी बताई। रचना कपूर ने कहा- मेरी बेटी अब भी जर्मनी के हेम्सबर्ग में आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। मेरी खुद की सेहत भी बहुत खराब हो गई है। हमारे बाल तक नहीं बचे। यह घटना मेरे पूरे परिवार के खिलाफ सामूहिक हत्या की कोशिश है।

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