गुरदासपुरः बारिश का कहर हर तरफ है। पंजाब के कई गांव पानी की चपेट में है। वहीं गुरदासपुर के गांव घोनेवाल और माछीवाल में बांध टूटने से पूरे गांव में पानी फैल चुका है। लोगों के घरों में पानी घुसने से सामान खराब हो रहा है। हर तरफ तबाही का मंजर है। गांव वासी सुखजिंदर सिंह ने कहा कि जो हालात आज है आज से पहले कभी नहीं हुआ था। सारी रात सो नहीं पाए। धुंसी बांध के टूटने की सूचना मिलते ही वह पूरी टीम के साथ वहां पहुंचे और तीन मशीनों की मदद से बांध को जोड़ने के लिए मिट्टी डालते गए, लेकिन अचानक पानी का बहाव तेज होने के चलते उनकी मशीने भी बह गई। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ ही सेकेंडों में वह गांव की ओर बढ़ता गया और पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया।
बड़ी मुश्किल से घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि गांव में तकरीबन सभी घरों को नुक्सान पहुंचा है। सारी रात गुरुद्वारा साहिब में अनाउंसमेंट की जा रही थी कि कोई भी व्यक्ति सोए ना। उन्होंने कहा कि 1988 के बाद अब तक का सबसे बड़ा नुक्सान हुआ है। छोटे बच्चे दूध के लिए तरस रहे हैं।समाजसेवी संस्थाएं धुस्सी तक राशन पहुंचा रही है।
गांव वासियों ने बताया कि बाढ़ से उनका गांव 20 साल पीछे चले गया है। वहीं उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते कहा कि प्रशासन ने भी उनकी कोई मदद नहीं की है। खाने के लिए किसी भी तरह का कोई राशन पानी नहीं दिया जा रहा है। पशु चारे के लिए भूखे बैठे है। उनके घरों का सामान पानी बह रहा है, लेकिन कोई भी उसे रोकने के लिए नहीं पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द उनके गांव में मदद भेजी जाए, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके।