लुधियानाः बॉलीवुड अभिनेत्री व भाजपा सासंद कंगना राणौत की इमरजेंसी फिल्म 6 सितंबर को सिनेमा घरों में रिलीज होने वाली है। लेकिन इस फिल्म के रिलीज होने से पहले पंजाब में माहौल गरमा गया है। फिल्म को लेकर बीते दिन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) ने फिल्म पर रोक लगाने की मांग की। इसको लेकर उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। एसजीपीसी की तरफ से इमरजेंसी फिल्म के निर्माताओं पर कथित तौर पर सिख समुदाय के चरित्र और इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भी भेजा गया है।
वहीं आज लुधियाना में सिख समुदाय के लोगों ने फिल्म को लेकर प्रशासन को प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर इमरजेंसी फिल्म लुधियाना के सिनेमाघर में लगी तो पंजाब का माहौल खराब हो सकता है। जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। वहीं सिख समुदाय ने लोगों से इमरजेंसी फिल्म को ना देखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म को हिंदू सिख भाईचारा में विवाद हो सकते है। बता दें कि 14 अगस्त को पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के जीवन पर आधारित फिल्म इमरजेंसी का ट्रेलर सोशल मीडिया पर रिलीज किया गया था। इसके बाद से ही फिल्म का विरोध किया जा रहा है। कंगना रनौत की ओर से लिखित, निर्देशित और निर्मित इस फिल्म को 6 सितंबर को रिलीज किया जाएगा।
हाईकोर्ट में दायर की याचिका में सिखों की तरफ से कहा गया है कि फिल्म के ट्रेलर में गलत ऐतहासिक तथ्यों को दर्शाया गया है। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि फिल्म सिख समुदाय के प्रति नफरत को बढ़ावा देगी। फिल्म के जरिए पंजाब से सामाजिक ताने-बाने को नष्ट करने का प्रयास किया गया है। वहीं ट्रेलर में यह भी दिखाया गया है कि सिख समुदाय के लोगों ने धार्मिक भेदभाव की वजह से एक बस को रोककर उसमें सवार हिंदू समुदाय के लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग भी की।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिना किसी ऐतिहासिक आधार पर सिख समुदाय और उनके धार्मिक संस्थानों को बदनाम करने की नौटंकी रची गई है। सिखों के चरित्र को जानबूझकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। याचिकाकर्त्ता की तरफ से केंद्र और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को सार्वजनिक डोमेन में रिलीज के लिए जारी किए गए प्रमाणपत्र को रद्द करने की मांग भी गई है। इसके साथ पंजाब के डीजीपी को कंगना रनौत और फिल्म से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।
