गोताखोर कमलप्रीत सैनी का परिजनों ने व्यक्त किया आभार
श्री आनंदपुर साहिब : श्री कीरतपुर साहिब से दिल को झकझोर देने वाली वाली घटना सामने आई है। जहा एक परिवार को अपने ही सदस्यों की लाशों का अंतिम संस्कार तक करने का अवसर नसीब नहीं हुआ। जिनकी अस्थियाँ 26 साल बाद श्री कीरतपुर साहिब के पास स्थित गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब के नज़दीक सतलुज नदी में अरदास के बाद जल प्रवाह कर दी गईं।
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मामला यह है कि चंडीगढ़ में रहने वाले एक परिवार ने खुशी के एक समारोह में शामिल होने के लिए श्री कीरतपुर साहिब के नजदीकी गांव कोटला के पास आना था। कार्यक्रम के बाद जब परिवार घर लौट रहा था, तो अचानक ओमनी वैन परिवारिक सदस्यों समेत नहर में गिर गई। जिसमे तीन बड़े और एक 8 साल का छोटा बच्चा सवार था।
जिसके बाद गाँव के लोग और परिवार ने गाड़ी की खोज शुरू कर दी, लेकिन 26 साल तक गाड़ी का कोई सुराग नहीं मिला। इलाके के समाजसेवी व गोताखोर कमलप्रीत सिंह सैनी, जो पहले भी धार्मिक कामों में रुचि रखते हैं। वह 1100 से अधिक मरे हुए शरीर नहर से निकालकर संस्कार करा चुके हैं। जिनके द्वारा खोज शुरू करने पर भाखड़ा नहर के कोटला गाँव के पास उक्त गाड़ी नहर मे पड़ी हुई दिखाई दी। गाड़ी की छत और सीटें पूरी तरह गल चुकी थी। सीट बेल्ट के साथ कुछ कपडे बंधे हुए थे। जब गाड़ी को बाहर निकाला गया, तो कपड़ों के साथ कंगाल की जगह कुछ हड्डियों के टुकड़े ही बरामद हुए।
