अमृतसरः हरियाणा के विवादित संत रामपाल के डेरे में गुरुद्वारे के ग्रंथी के परिवार सहित माथा टेकने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद हो गया है। फरीदकोट से अकाली दल वारिस पंजाब दे संगठन ने इसका कड़ा विरोध जताया है। संगठन से जुड़े गुरसेवक सिंह ने ग्रंथी को एक हफ्ते के अंदर श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर माफी मांगने के लिए कहा है।
गुरसेवक ने कहा कि अगर एक हफ्ते में माफी नहीं मांगी तो वह हरियाणा आकर उसका इलाज करेंगे। उन्होंने कहा कि एक ग्रंथी का डेरे में जाकर भूत-प्रेत का इलाज करवाना सिख समाज का मजाक उड़ाता है। गुरसेवक ने कहा कि गुरुओं ने जिन चीजों से बाहर निकाला, आज सिख उन्हीं भ्रमों में फंस रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर सामने आए वीडियो में हरियाणा के ग्रंथी रणजीत सिंह अपने परिवार के साथ दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में ग्रंथी की बेटी रामपाल से कहती हुई दिख रही है कि उन पर कृपा करें और वे उनसे नामदान लेना चाहते हैं। रामपाल भी उन्हें अभी के अभी नामदान देने की बात करते हैं। वीडियो में ग्रंथी और उनका परिवार रामपाल के सामने नतमस्तक होते हुए दिखाई दे रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद गुरसेवक सिंह ने ग्रंथी रणजीत सिंह से फोन पर बातचीत की। वीडियो कॉल पर ग्रंथी ने बताया कि उनके परिवार को भूत-प्रेत का साया था। परिवार के दबाव में वह रामपाल के डेरे पर गए थे। ग्रंथी ने बताया कि उनके घर में लंबे समय से बीमारियां और भूत-प्रेत का साया जैसी समस्याएं चल रही थीं। उनकी सास की अकाल मृत्यु हो गई थी, जिसके कारण परिवार में भारी कष्ट था। इस दौरान काफी पैसा भी पानी की तरह बह चुका था। इसी परेशानी के हल के लिए वे परिवार सहित रामपाल के डेरे पर गए थे।
गुरसेवक सिंह ने ग्रंथी रणजीत सिंह से कहा कि गुरु घर का वजीर और ग्रंथी होते तुम किसी डेरे में माथा टेकने क्यों पहुंचे। किसी पाखंडी साध के आगे नतमस्तक होना और उसके लिए गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र बाणी का उपयोग करना सिख मर्यादा का उल्लंघन है।
गुरसेवक ने आपत्ति जताई कि रणजीत सिंह ने रामपाल के सामने गुरु ग्रंथ साहिब से श्लोक पढ़े, जबकि ये गुरु की शान में ही पढ़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो ग्रंथी सिंह खुद संगत को गुरुबाणी और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पर भरोसा रखने की सीख देते हैं, वही आज अंधविश्वास और ढोंगी साधुओं के जाल में फंस रहे हैं। गुरुओं ने जिन चीजों से बाहर निकाला, आज सिख उन्हीं भ्रमों में फंस रहे हैं।
फोन पर हुई बातचीत के दौरान ग्रंथी रणजीत सिंह ने अपनी इस हरकत को स्वीकार करते अपनी गलती मानी है। गुरसेवक सिंह ने कहा कि ग्रंथी को एक हफ्ते में अमृतसर आकर श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होना चाहिए और जत्थेदार साहिब के सामने अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए। साथ ही अपनी इस बड़ी भूल की धार्मिक सजा लगवानी चाहिए।
सिख समुदाय द्वारा ग्रंथी रणजीत सिंह को एक हफ्ते का अल्टीमेटम दिया गया है। उनसे कहा गया है कि वे तुरंत श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर में पेश होकर माफी मांगें। गुरसेवक सिंह ने चेतावनी दी कि अगर ग्रंथी तय समय के भीतर अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर माफी नहीं मांगते हैं तो पंजाब की विभिन्न सिख जत्थेबंदियां उनके खिलाफ सीधी और सख्त कार्रवाई करेंगी। गुरसेवक ने कहा कि वह एक हफ्ते में अमृतसर आकर माफी मांगें, वरना वह उनके पास आएंगे।