अमृतसरः जिले में मेडिकल स्टोरों के खिलाफ रोजाना मिलने वाली शिकायतों के चले सेहत विभाग की जोनल ड्रग एंड लाइसेंस अथॉरिटी द्वारा मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी गई है। इसी के कारण विभाग ने 94 मेडिकल स्टोरों पर दस्तक दी। दरअसल, विभाग को शिकायतें मिल रही थी कि मेडिकल स्टोरों पर सेहत से खिलवाड़ करते हुए एक्सपायरी दवाइयां ही बेचकर पैसा कमाने के लिए जुटे हुए हैं।
यही नहीं मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित दवाइयां बरामद हो रही हैं, क्योंकि मेडिकल स्टोरों पर बरामद होने वाली सभी प्रतिबंधित दवाइयों का स्टोर मालिकों के पास कोई लेखा-जोखा भी उपलब्ध होता ही नहीं है। ग्रामीण में 50 मीटर दूरी व शहरी क्षेत्र में 100 मीटर की दूरी पर मेडिकल स्टोर नहीं होना चाहिए। जबकि विभाग के मापदंडों के मुताबिक ही मेडिकल स्टोर होना चाहिए। इंस्पेक्शन के बाद ही लाइसेंस जारी हो सकता है। यही नहीं मेडिकल स्टोर या होलसेल स्टोर पर क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरा नहीं लगा होने पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।
सेहत विभाग की जोनल ड्रग एंड लाइसेंस अथॉरिटी करुण सचदेव ने बताया कि साल 2024 के जनवरी के शुरू से लेकर आज तक जगह-जगह मेडिकल स्टोरों पर निरीक्षण करते हुए 94 मेडिकल स्टोरों पर दस्तक देकर विभाग की टीमों ने स्टोर मालिक पर ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के तहत ही अदालत में केस दायर किया है। जबकि 83 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस रद्द किए हैं। भविष्य में जिले के हरेक मेडिकल स्टोर पर भी क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरा लगाने के निर्देश भी जारी हो चुके हैं, ताकि सीसीटीवी से मेडिकल स्टोर पर निगरानी रखी जाए, क्योंकि मेडिकल स्टोर एक फार्मासिस्ट ही चला सकता है।
जबकि जिला अमृतसर के साथ ही साथ तरनतारन लगबग 16 लाख रुपये की दवाइयां बरामद हुई हैं। यही नहीं उन्होंने चेतावनी देकर कहा कि यदि मापदंडों के उलट चलने वाले मेडिकल स्टोर मालिकों ने तुरंत अपनी कार्यप्रणाली को ना सुधारा तो आने वाले समय में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
