बरनालाः पीआरटीसी पनबस 25/11 कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के आह्वान पर पंजाब के 9 पीआरटीसी डिपो में पूर्ण हड़ताल की गई। इस हड़ताल में करीब 1200 कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों की मुख्य मांग चंडीगढ़ डिपो के उस एक कर्मचारी की सेवा बहाल करना है, जिसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। यूनियन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा कर्मचारी के साथ न्याय किया जाए।
हड़ताल के चलते आज बरनाला, बुढलाडा, संगरूर, पटियाला, लुधियाना, फरीदकोट, चंडीगढ़, कपूरथला और बठिंडा के पीआरटीसी डिपो पूरी तरह बंद रखे गए हैं, जिससे बस सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल का मुख्य कारण बताते बरनाला यूनियन के प्रधान ने कहा कि चंडीगढ़ डिपो के एक कंडक्टर गुरविंदर सिंह पर अड्डा पर्चियों में कथित गड़बड़ी करने और फर्जी अड्डा पर्चियां काटने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के ही कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
बरनाला बस स्टैंड पर पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन की ओर से जोरदार रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पीआरटीसी मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर ही आगे की कार्रवाई की जाए। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि पीआरटीसी प्रबंधन संबंधित कर्मचारी के साथ धक्केशाही कर रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी के साथ न्याय नहीं किया गया और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो यूनियन अपना संघर्ष और तेज करने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल पीआरटीसी की बसें हड़ताल पर हैं, लेकिन यदि उनकी मांगें नहीं मानी तो पंजाब रोडवेज के अन्य कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होकर सड़कों पर उतरेंगे।
