खादी ग्रामोद्योग भंडार, हमीरपुर रोड ऊना में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 157वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
ऊना,सुशील पंडित: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 157वीं जयंती के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी ऊना तथा खादी क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों द्वारा खादी ग्रामोद्योग भंडार, हमीरपुर रोड, ऊना में गांधी जयंती समारोह श्रद्धापूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने से हुई। उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारियों , खादी प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों ने महान विभूति को नमन करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। इसके उपरांत दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इसी अवसर पर खादी ग्रामोद्योग भंडार में खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत विशेष छूट का जिला अध्यक्ष देश राज गौतम ने रिबन काटकर शुभारंभ किया गया। इस विशेष छूट के अंतर्गत सूती खादी, ऊनी खादी, कंबल, नमदा, पॉलीवस्त्र तथा रेशम से जुड़े उत्पादों सहित विभिन्न खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पाद उपलब्ध रहेंगे।
गांधी जी के लिए खादी केवल वस्त्र नहीं, आत्मनिर्भर भारत का विचार था
महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उन्होंने सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को जन-आंदोलन का रूप दिया। चरखा और खादी अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आर्थिक स्वावलंबन और स्वदेशी चेतना के प्रतीक बने। स्वतंत्रता संग्राम में उनके असाधारण योगदान और राष्ट्र को एकजुट करने की उनकी ऐतिहासिक भूमिका के कारण देश उन्हें श्रद्धापूर्वक ‘राष्ट्रपिता’ और ‘बापू’ के रूप में स्मरण करता है।
आज बापू की वही खादी परंपरा से आधुनिकता की ओर बढ़ रही है। खादी अब केवल स्वतंत्रता आंदोलन की पहचान नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, कारीगरों और बुनकरों की आजीविका तथा आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला बन रही है। आधुनिक डिजाइन, बदलती जीवनशैली और नई पीढ़ी की पसंद के अनुरूप खादी ने अपने स्वरूप में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है, लेकिन इसके मूल में आज भी स्वदेशी, स्वावलंबन और सादगी का वही गांधीवादी विचार कायम है।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में खादी प्रेमी, विशिष्ट नागरिक, पार्टी कार्यकर्ता तथा खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र से जुड़े महानुभावों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का प्रबंधन श्री सिद्ध बाबा लक्ष्मण जती जी खादी ग्रामोद्योग विकास समिति, हमीरपुर रोड, ऊना की ओर से किया गया। शाखा प्रबंधक गुरमीत सिंह डडवाल ने कार्यक्रम में पहुंचने वाले सभी अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर एस.एन शुक्ला, तिलक राज सैणी , कामरेड जगत राम शर्मा, यशवंत राय, रमेश चंद , रामेश ठाकुर, केवल कृष्ण ठाकुर, पवना चौधरी, सुरेश शर्मा, कुशल कुमार बांका, सत्य पाल पटियाल, मनमोहन, सरबजीत संधू, ओम प्रकाश वह उपस्थित लोगों ने आम जनता से आह्वान किया कि गांधी जयंती के अवसर पर खादी एवं स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और ग्रामीण कारीगरों, बुनकरों एवं छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।
“खादी केवल कपड़ा नहीं, बापू के स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के सपने का प्रतीक है। खादी अपनाएं—कारीगरों का सम्मान बढ़ाएं और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत बनाएं।”
