सिरमौरः हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। जहां राजगढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत दीदग के छिछड़ियां गांव में अचनाक 3 मंजिला मकान देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। हैरानी की बात यह है कि घटना के वक्त मौसम बिल्कुल साफ था। इस अचानक हुए हादसे में घर के अंदर मौजूद 4 लोग मलबे में दब गए। हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि 2 बच्चियां घायल हो गई। मकान मालिक भीम सिंह की पत्नी 60 वर्षीय निर्मला देवी और उनकी विवाहित बेटी 32 वर्षीय पूजा की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि उनकी डेढ़ वर्षीय पोती और दोहती घायल हो गईं।
स्थानीय युवाओं ने नन्हीं बच्चियों को मलबे से निकाला। बताया गया कि पूजा इन दिनों अपने मायके छिछड़ियाधार आई हुई थी। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं हादसे में घायल दोनों मासूमों का उपचार चल रहा है। डेढ़ वर्षीय दोहती ईरा की हालत गंभीर होने पर उसे सोलन रेफर किया गया है, जबकि डेढ़ वर्षीय नाती अबियाना का उपचार जारी है। लगातार तीन दिन तक बारिश के बाद खिली धूप के बीच छिछड़ियाधार में अचानक 3 मंजिला मकान गिर गया। मकान के अचानक गिरने से गांव में अफरातफरी मच गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग और स्थानीय युवा मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए मलबा हटाने में जुट गए।
परिवार की बहू हादसे से महज दो मिनट पहले किसी काम से मकान से बाहर निकली थी। कुछ ही देर बाद पूरा तीन मंजिला मकान भरभराकर गिर गया। बाहर होने के कारण उसकी जान बच गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर ने हादसे की पुष्टि करते हुए घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन की ओर से हादसे में प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई गई है। तहसीलदार राजेंद्र शर्मा ने मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की। वहीं सोलन रेफर की गई मासूम बच्ची के उपचार के लिए 5 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है।