ऊना: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दूरदर्शी एवं जनकल्याणकारी सोच के कारण हिमाचल प्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य बना है, जहां बीपीएल परिवारों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने की पहल की जा रही है। इस अभियान के माध्यम से प्रशासन और सरकार स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। ये बात आज कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत ऊना विकास खंड की सात पंचायतों (टक्का, नारी, चलोला, धमांदरी, नंगल सलांगड़ी, डठवाड़ा और झम्बर) में बीपीएल पात्रता को लेकर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों में विधायक विवेक शर्मा ने कही और लोगों से सीधा संवाद किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा कहा है कि हमारी सरकार सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आई है। इसी सोच के साथ उन लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है, जो अभी तक विकास और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार की योजनाओं के तहत बीपीएल परिवारों की महिलाओं को दो अक्तूबर से हर माह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता साथ ही 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, सस्ता राशन और अन्य सुविधाएं भी मिलने की बात कही गई है।। इन योजनाओं का लाभ प्रदेशवासियों, विशेषकर किसानों और पशुपालकों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने प्राकृतिक विधि से उगाई गई गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 80 रुपये, मक्की का 50 रुपये तथा कच्ची हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। इससे प्रदेश के अनेक किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 71 रुपये और गाय के दूध का 61 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। इससे पशुपालकों की आर्थिकी सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की इसी जनकल्याणकारी सोच के तहत मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत करीब 6 हजार निराश्रित बच्चों की जिम्मेदारी हिमाचल सरकार उठा रही है। सरकार इन बच्चों की पढ़ाई, रहने-खाने, देखभाल, रोजगार और घर जैसी जरूरतों में मदद कर रही है। विवेक शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में विकास को गति देने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए करीब 300 कनाल भूमि चिन्हित की गई है। बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 80 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसके अलावा पेयजल और सड़क क्षेत्र में भी विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हम सरकार से ये भी मांग उठाएंगे कि आलू के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाए और ऊना में जल्द आलू प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बीडीओ रमनवीर चौहान ने लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीपीएल सूची में उन्हीं परिवारों को शामिल किया जाएगा, जो सरकार के तय नियमों और पात्रता को पूरा करते हैं। बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 सितंबर कर दी गई है। उन्होंने बताया कि 9वें और अंतिम चरण में भी निर्धारित पात्रता के आधार पर परिवारों को बीपीएल सूची में जगह दी जाएगी।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य सुमित शर्मा
ब्लॉक कांग्रेस कुटलैहड़ के अध्यक्ष विवेक मिंका, कांग्रेस कमेटी कुटलैहड़ के महासचिव रमेश चंद बंगा, एसई विद्युत विभाग दर्शन सिंह, प्रधान टक्का रेखा रानी उप प्रधान कुलदीप चंद, नारी प्रधान स्नेहलता, उप प्रधान हरीश कुमार, चलोला प्रधान जनक राज, उप प्रधान रघुवीर सिंह, धमांदरी प्रधान सुदेश कुमारी, उप प्रधान बलबीर सिंह, नंगल सलांगड़ी प्रधान अरुण बाला, उप प्रधान मनोज कुमार, डठवाड़ा प्रधान चनन सिंह, उप प्रधान गुरजीत सिंह, झम्बर प्रधान राज कुमार, उप प्रधान राजन शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।