मुंबईः हरियाणा की एक नाबालिग लड़की को देह व्यापार में धकेलने के आरोप में पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें दो दंपति भी शामिल है। जानकारी के अनुसार नाबालिग (14) की है। एक मुख्य आरोपी ने अपहरण संबंधी शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके चलते पुलिस ने इस व्यापार से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मीरा भयंदर वसई विरार पुलिस ने बताया कि आरोपी पुरुषों ने पीड़िता का कई बार बलात्कार किया।
शातिर शिकायतकर्ता ने अपने आप को पीड़िता के अभिभावक के रूप में पेश किया था। एमबीवीवी पुलिस के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी, जोन-1) राहुल चव्हाण ने बताया कि आरोपी नाबालिग लड़की को पढ़ाई-लिखाई का झांसा देकर अंबाला से मुंबई लाया था।
ये मामला तब सामने आया जब 3 मार्च को पेशे से सिक्योरिटी गार्ड आरोपी संजय गुप्ता, भयंदर के नवघर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 14 वर्षीय एक लड़की की देखभाल करता था। होली का सामान के लिए बाहर जाने के बाद से लड़की लापता हो गई थी। इस संबंध में जानकारी के आधार पर पुलिस ने ठाणे के भयंदर से पीड़िता को बचाया।
एक महिला अधिकारी द्वारा पूछने पर पीड़िता ने बताया कि शिकायतकर्ता गुप्ता उसका रिश्तेदार नहीं था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गुप्ता समेत कई आरोपियों ने उसका बार-बार दुष्कर्म किया, जिसके बाद वह उनके चंगुल से भाग निकली। नवघर थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मुकुंद यादव ने बताया कि मामले की जांच के मुताबिक पीड़िता को देह व्यापार के लिए 50,000 रुपए में बेचा गया था। शुरुआती अपहरण के मामले की जांच में हमें इस गहरे पैठ वाले देह व्यापार संबंधी गिरोह का पता चला। उन्होंने बताया कि आठों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत अपहरण, बलात्कार और शादी या नौकरी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही उन सभी पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के संबंधित प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
